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कानपुर बस हादसा: पति की तस्वीर को सीने से लगा कर बिलखती रही पूजा, चार माह के गर्भ से है सुनील की पत्नी
Wed, 02 Feb 2022 11:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Feb 2022 11:58 AM IST
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Kanpur Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
लाटूश रोड में रहने वाले मृतक सुनील सोनकर उर्फ ट्विंकल (29) की चार माह की गर्भवती पत्नी पूजा मंगलवार को पूरा दिन सुनील की तस्वीर को सीने से लगाकर रोती रही। हादसे के बाद से लगातार रोते-रोते पूजा की आंखें सूज चुकी हैं और गला रुंध चुका है। उसे दिलासा देने केलिए लखनऊ से उसके माता, पिता और दो भाई भी पहुंचे। हादसे में एक ही मोहल्ले में दो मौतों से मातम छाया रहा। आपको बता दें कि कानपुर में घंटाघर चौराहे से टाटमिल की तरफ जाने वाली एक ई-बस ने रविवार रात आधा दर्जन वाहनों में टक्कर मारते हुए 15 लोगों को चपेट में ले लिया था। इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। घायलों में कई की हालत गंभीर है। हादसे में मोहम्मद अरसलान (21), सुनील उर्फ ट्विंकल सोनकर (30), शुभम सोनकर (24), रमेश कुमार यादव (46), अजीत कुमार (62) व कैलाश (48) की मौत हो गई थी।
रोती बिलखती पूजा
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के गोलागंज निवासी बैग कारीगर रामू सोनकर की इकलौटी बेटी पूजा उर्फ पारुल की शादी सुनील से बीते साल 9 जून को हुई थी। पूजा चार माह के गर्भ से है। घर में नए मेहमान के आने की तैयारियों को लेकर पूरे परिवार में खुशियों का माहौल था।
रोती बिलखती पूजा
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच बस हादसे ने उनकी हंसती खेलती जिंदगी पर ग्रहण लगा दिया। पति की मौत की खबर मिलने के 48 घंटे बाद भी पूजा ने अन्न ग्रहण नहीं किया। ऐसे में उसके पेट में पल रहे बच्चे की सभी को चिंता सताती रही। उसे संभालने केलिए लखनऊ से उसके पिता रामू, मां सिम्मी, दो छोटे भाई हर्ष, अभिषेक भी शहर पहुंचे।
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शुभम का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
बेटी की हालत देखते हुए मां सिम्मी बोली कि ‘बेटी अभी खुशियों के संसार में ठीक से कदम भी नहीं रख पाई थी कि ईश्वर ने उसकी जीवन भर का गम दे दिया’। वहीं, पास में ही रहने वाले मृतक शुभम का परिवार किराये के मकान में रहता है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसकी बहन सुनैना की कई बार शादी टूट चुकी थी।
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क्षतिग्रस्त ई बस
- फोटो : अमर उजाला
इसे लेकर शुभम ने अपने भाई दीपक केसाथ मिलकर गल्ला मंडी में काम शुरू किया था। बड़ा भाई पिंटू पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में है। शुभम की मौत से परिवार टूट चुका है। मां आशा ने कहा कि ‘ईश्वर ने उनके परिवार को पता नहीं किस पाप की सजा दी कि उनका होनहार बेटा छीन लिया...’।
मंगलवार को भी दोनों ही दुखी परिवारों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। एक ही मोहल्ले से दो अर्थियां उठने से मोहल्ले के किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला।
मंगलवार को भी दोनों ही दुखी परिवारों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। एक ही मोहल्ले से दो अर्थियां उठने से मोहल्ले के किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला।