कोरोना महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के कई रूप देखने को मिले। कहीं पुलिस गरीबों को खाना देती नजर आई तो कहीं लॉकडाउन तोड़ने वालों को अनोखी सजाएं देते हुए नजर आई। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मंदिर जा रहे बुजुर्ग से बदसलूकी करना पनकी थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रकरण की जांच कराई गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए पनकी थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर करके हटा दिया है। उनकी जगह पर सजेती एसएसआई शैलेंद्र कुमार को चार्ज दिया गया है।
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बुजुर्ग को दी सजा
- फोटो : amar ujala
बताते चलें कि बुधवार को पनकी थाना क्षेत्र में एसओ विनाेद कुमार सिंह ने पूजा की थाली लेकर निकले एक बुजुर्ग को रोक लिया था। पहले उसके लोटे के जल को थाली में गिराया। बुजुर्ग ने हाथ जोड़ते हुए कहा साहब गलती हो गई पर एसओ का दिल नहीं पसीजा।
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घुटनों के बल जबरन बुजुर्ग को चलाया
- फोटो : amar ujala
वर्दी की हनक में चूर एसओ ने बुजुर्ग का जल गिराने के बाद उसे घुटने पर बैठने के लिए कहा तो उसकी आंखाें से आंसू छलक उठे। वो बार बार कह रहा था साहब अब गलती नहीं होगी लेकिन एसओ ने उसकी एक न सुनी और फिर घुटनों के बल मंदिर तक जाने के लिए कहा।
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छलके बुजुर्ग के आंसू
- फोटो : amar ujala
बुजुर्ग जब घुटनों के बल चला तो कंकरीट से भरी सड़क पर पैर के पंजों के बल बैठा दिया और मंदिर तक जाने की सजा दी। इसके साथ ही अधेड़ से यह भी कहा गया कि यह कहते जाओ कि पीपल देवता मैं आ रहा हूं। इस दौरान एसओ सहित पुलिस कर्मी बुजुर्ग के पीछे पीछे चलते रहे।
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200 मीटर तक पुलिस ने बैठाकर चलाया
- फोटो : amar ujala
बुजुर्ग लगभग 200 मीटर की दूरी तक करते हुए पीपल के पेड़ तक पहुंचा। इस दौरान बुजुर्ग की आंखों से आंसू झलक पड़े। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। डीएम कानपुर ने इस वीडियो के वायरल होने के बाद जांच के आदेश दिया था।