कानपुर में हुए गोविंद हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को भले ही पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार के इनाम घोषणा की हो लेकिन नवाबगंज थाने में तैनात दरोगा की ओर से बरती गई लापरवाही गोविंद को मौत के मुंह तक ले गई। समय रहते सूचना मिलने पर भी थाना पुलिस ने चिरपरिचित टरकाने वाला रवैया अपनाया था। इसी के कारण गोविंद की जान नहीं बच पाई।
दरअसल, गत शुक्रवार की शाम नवाबगंज ख्योरा निवासी गोविंद वर्मा लापता हुआ था। रात करीब 10 बजे उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। वह कभी इतनी देर तक घर से बाहर नहीं रहता था। रात तक घर न लौटने पर गोविंद की बहन निशा रात करीब 12 बजे नवाबगंज थाने पहुंची थी। आरोप है कि जब निशा ने थाने में मौजूद अधेड़ उम्र के दरोगा से भाई के लापता होने की बात कही, तो दरोगा ने अगले दिन गोविंद का फोटो और तहरीर लेकर आने की बात कही।
2 of 6
सीसीटीवी फुटेज देखती बहन
- फोटो : अमर उजाला
निशा गुहार लगाती रही, लेकिन दरोगा ने एक न सुनी। थक हारकर निशा लौट गई। उसके दो घंटे बाद जब उन्नाव के सिविल लाइंस स्थित एटीएम से रुपये निकलने का मैसेज गोविंद के पिता के फोन पर आया तो घरवाले हतप्रभ रह गए। इसपर निशा ने थाने में फोन कर दरोगा को बताया कि गोविंद के डेबिट कार्ड से उन्नाव में रकम निकाली गई है। इसके बावजूद पुलिस टस से मस नहीं हुई।
3 of 6
गोविंद की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को अकबरपुर में गोविंद का शव मिला। रविवार को पुलिस शिनाख्त कर पाई। गुरुवार को खुलासा हुआ कि छह दोस्तों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। जब वह एटीएम से पैसे निकाल चुका था। गोविंद के परिजनों को पुलिस के खुलासे पर अब भी यकीन नहीं है। उन्होंने जिम्मेदार पुलिस अफसर पर कार्रवाई की मांग भी की है। हत्या से पहले गोविंद की अंगूठी और चेन लूटी गई थी, जिसे पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। न ही जेवरात खरीदने वाला पुलिस के गिरफ्त में है।
4 of 6
शादी समारोह में शामिल गोविंद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि देर रात गोविंद के खाते से तीन बार में उन्नाव के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी व टाटा के एटीएम मशीन से 20 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। इसके बाद भी पुलिस ने उसकी तलाश करने की जहमत नहीं उठाई। तीन जुलाई को उसका शव कानपुर देहात के अकबरपुर रनियां क्षेत्र में पड़ा मिला। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस उनकी शिकायतों को नजरअंदाज न करते हुए उसकी तलाश करती, तो शायद गोविंद की जान बच जाती।
5 of 6
गोविंद हत्याकांड के सीसीटीवी फुटेज
- फोटो : अमर उजाला
कहां गए गोविंद के लूटे गए जेवरात
पुलिस का दावा है कि हत्यारोपियों ने सीएनजी पेट्रोल पंप के पास गोविंद को तमंचा सटा उसी गाड़ी में बंधक बना लिया। इसके बाद पास के हार्डवेयर की दुकान से टेप खरीदकर उसके मुंह पर लगा दिया। जिससे कि वह शोर न मचा सके। फिर गोविंद की अंगूठी व चेन लूट ली। इसके बाद उसे 20 हजार रुपये में बेच दिए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि हत्यारोपियों ने उसके जेवरात बेचे तो किसको और कहां बेचे। जेवरात खरीदने वाले की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। जेवरात बरामद करने चाहिए थे।
गोविंद हत्याकांड के मामले में जांच कराई जाएगी। अगर पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर