कानपुर में मधु कपूर हत्या व लूटकांड के मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि उनका मकसद सिर्फ लूट करना था। मधु कपूर चीखने चिल्लाने का प्रयास करने लगी थीं। इसलिए उनका मुंह दबा दिया था। कुछ ही मिनट बाद में जब उनके मुंह से खून आने लगा तो उनको छोड़ दिया था। जेवरात व नकदी समेट कर फरार हो गए थे।
Madhu Kapoor murder case: लूटपाट था मकसद, चीख न निकले इसलिए मधु का दबाया था मुंह, खून आने लगा तो छोड़ दिया
वहीं संदीप ने मधु कपूर का मुंह दाब लिया था। उसके बाद जेवरात व नकदी बटोरी। मुख्य लॉकर की चाबी मधु ने नहीं बताई। इस पर दोनों ने उनको पीटा भी। लगातार मुंह भी दबाए रहे थे। तभी उनके मुंह से खून निकलने लगा था। यह देख जितना जेवर व नकदी मिला था, उतना ही लेकर फरार हो गए थे।
खबर पढ़कर मौत की हुई जानकारी
हत्यारोपियों ने बताया कि उनका इरादा था कि वह एक-एक जेवरात व पूरी नकदी लूट कर ही वापस आएंगे। देर रात या तड़के वहां से निकलने की साजिश थी। क्योंकि वह शाम करीब पौने आठ बजे ही दाखिल हुए थे। उस दौरान काफी भीड़भाड़ थी। चूंकि मधु के मुंह से खून निकलता देखा और वह बेसुध भी हो गई थीं। तब वह डरकर वहां से चले गए थे।
हत्यारोपी मधु कपूर के दो मोबाइल भी लूट ले गए थे। दो दिनों तक मोबाइल रखे थे। उसके बाद गंगा में फेंक दिए थे। इसलिए पुलिस मोबाइल रिकवर नहीं कर सकी है। आरोपियों ने बताया कि उनको पता था कि अगर वह मोबाइल ऑन करेंगे तो वह फंस सकते हैं। इसलिए दोनों मोबाइल न तो ऑन किए न ही इस्तेमाल किए।
छोटी ख्वाइश पूरी नहीं हुई तो कर डाली बड़ी वारदात
वारदात के मास्टरमाइंड विपिन ने बताया कि उसने नौकरी छोड़ दी थी। पैसों की दिक्कत थी। इसी दौरान उसकी बेटी ने एक दिन पेटीज खिलाने के लिए बोला। उसके पास एक भी पैसा नहीं था। विपिन का कहना है कि वह तब से बहुत परेशान था। उसको अफसोस था कि दस बीस रुपये की चीज खरीदने की किल्लत है। उसके बाद वह संदीप व गौतम से मिला। उनसे आर्थिक दिक्कत के बारे में बताया। तब तीनों ने मिलकर साजिश रची। संदीप पहले ही चोरी के केस में जेल जा चुका है।