अनाधिकृत तरीके से किडनी प्रत्यारोपण की रोगी पारुल तोमर (43) की जान खतरे में है। उसे हैलट के मल्टी सुपर स्पेशियलटी हॉस्पिटल के पोस्ट ऑपरेटिव आइसोलेशन कक्ष में रखा गया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने रोगी की स्थिति को देखते हुए एसजीपीजीआई रेफर करने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण के रोगी के इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। वहीं, रोगी का क्या इलाज चला। क्या दवाएं दी गईं। इस संबंध में भी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है।
मल्टी सुपर स्पेशियलटी में रोगी पारुल को गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर गोविल के अंडर भर्ती किया गया। रोगी को किडनी देने वाले आयुष चौधरी (24) को यहीं यूरो सर्जन डॉ. अनिल जे. वैद्य के अंडर भर्ती किया गया है। आयुष की स्थिति ठीक बताई जा रही है। विशेषज्ञों को यह भी आशंका है कि प्रत्यारोपण के बाद किडनी रिजेक्शन भी हो सकता है जो किडनी प्रत्यारोपित की गई है वह काम नहीं कर पा रही है।
2 of 18
किडनी कांड के मरीज आयुष चौधरी की जांच करते प्राचार्य डॉ. संजय काला और अन्य
- फोटो : amar ujala
प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि सीएमओ को पत्र लिखा गया है कि किडनी प्रत्यारोपण के रोगी के इलाज की सुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रत्यारोपित किडनी पेशाब नहीं बना पा रही है। ब्लड प्रेशर हाई है और बढ़-घट रहा है। संक्रमण बढ़ने का खतरा है।
3 of 18
आहूजा हॉस्पिटल और डॉ. प्रीति आहूजा
- फोटो : amar ujala
रोगी पारुल का क्या इलाज चला है इसका ब्योरा भी डॉक्टरों को नहीं मिला। प्रत्यारोपण के तुरंत बाद कौनसी दवा दी गई। यह भी पता नहीं है। प्रत्यारोपण के बाद रोगी के साथ हद दर्जे की बदइंतजामी हुई है। उसे सामान्य रोगियों के साथ रखा गया जबकि रोगी को किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में आइसोलेशन में इंटेंसिव केयर में रखा जाता है। डॉ. काला ने बताया कि रोगी का वर्ष 2016 से गुर्दे का इलाज चल रहा था। डोनर आयुष की स्थिति के संबंध में बताया गया कि उसका हेमोग्लोबिन 9-10 ग्राम के बीच है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
4 of 18
डॉ. प्रीति आहूजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसबीआई में मेडिकल अफसर भी है डॉ. प्रीति आहूजा
अनधिकृत तरीके से गुर्दा प्रत्यारोपण मामले की आरोपी डॉ. प्रीति आहूजा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मेडिकल ऑफिसर भी है। साथ ही वह डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों से जुड़ी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की नगर शाखा की उपाध्यक्ष है। आईएमए के अलावा वह शहर के मधुमेह रोग विशेषज्ञों के संगठन कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन (केडीए) की सचिव है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के संगठन फिजिशियन फोरम की सदस्य है। डॉक्टर कम्युनिटी के विभिन्न सामाजिक और मेडिकल कार्यक्रमों में उसकी सहभागिता रहती है।
5 of 18
कल्याणपुर स्थित प्रिया और मेड लाइफ अस्पताल
- फोटो : amar ujala
आरोपों की पुष्टि होने पर आईएमए लेगा एक्शन
डॉ. प्रीति और पैथोलॉजिस्ट पति डॉ. सुरजीत आहूजा की गिरफ्तारी के बाद आईएमए ने आपात बैठक बुलाई। विचार-विमर्श के बाद जांच कमेटी गठित की गई। यह तय हुआ कि सारे तथ्यों को परखने, डॉ. प्रीति से बात करने पर सत्य पता किया जाएगा। इसके बाद एक्शन लिया जाएगा।