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कानपुर एनकाउंटर: विकास दुबे 100 बीघा सरकारी जमीन पर बनवाने जा रहा था फार्म हाउस, हो चुकी थी तैयारियां
Wed, 15 Jul 2020 02:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 15 Jul 2020 02:08 AM IST
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vikas dubey
- फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे ग्रामीणों की जमीनों पर कब्जा करने के साथ ही गांव के बाहर जंगलों को साफ करवाकर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहा था। करीब 100 बीघा जमीन वो साफ करवा चुका था। यहां पर फार्म हाउस बनाने के साथ कई और उपयोग करने की फिराक में था। वहां बरामद जेसीबी से इन जंगलों में पेड़ कटाई का काम चल रहा था।
kanpur encounter SIT
- फोटो : अमर उजाला
ये खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस के मुताबिक गांव के बाहर शिवली की तरफ कई किलीमीटर में जंगल है। विकास जेसीबी लगवाकर जंगल का सफाया कराने में जुटा था। उसके गुर्गे दिन रात काम में लगे थे। प्रशासनिक अफसर भी आंखें मूंदे हुए थे। खेतों पर कब्जे हुए, जंगल का सफाया हुआ और किसानों की जमीनें छीन लीं गईं।
kanpur encounter SIT
- फोटो : अमर उजाला
मगर एसडीएम, लेखपाल, तहसीलदार ये सब खामोश रहे। ये सब विकास दुबे की कठपुतली थे। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई मगर जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की मदद नहीं की। पुलिस ने इन बिंदुओं को जांच में शामिल कर प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी है। दहशतगर्द विकास दुबे ने इलाके के 18 गांवों की करीब 200 बीघा जमीन कब्जा कर रखी थी।
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kanpur encounter SIT
- फोटो : अमर उजाला
फसल पर भी वो हर सीजन में किसानों से मोटी रकम वसूलता था। बिकरू व उसके आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के अलावा एसआईटी व न्यायिक आयोग को बताया कि विकास की दहशत के चलते वो लोग कभी भी अपने मन की फसल नहीं बोते थे। जो विकास कहता था वो ही करना पड़ता था।
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
उसने जमीन या तो जबरन लिखवा ली या सीधे कब्जा कर लिया। गांव निवासी जमालुद्दीन, इम्तियाज, गफूर जैसे आधा दर्जन लोगों ने न्यायिक आयोग के सामने बताया कि विकास ने किसी दो तो किसी की तीन बीघा या इससे अधिक जमीन कब्जा कर ली थी। उसके गुर्गे खेती करवाते थे या फिर बेच देते थे।