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Vikas Dubey: कानपुर एनकाउंटर: उम्र से ज्यादा आपराधिक इतिहास, विकास ने 1992 में की थी पहली हत्या, भाजपा नेता के मर्डर...
Sat, 04 Jul 2020 09:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 04 Jul 2020 09:59 AM IST
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Kanpur Encounter
- फोटो : अमर उजाला
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने 28 साल पहले 1992 में गांव के एक दलित युवक की हत्या कर अपराध की दुनिया में पहला कदम रखा था। इसके बाद एक स्कूल के प्रिंसिपल को मारा। भाजपा नेता संतोष शुक्ला (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) की शिवली थाने में छह गोलियां मारकर हत्या कर सनसनी फैला दी थी। उसके बाद भी आपराधिक घटनाएं जारी रहीं।
विकास दुबे (काले कोट में)
- फोटो : amar ujala
50 साल के विकास पर पांच हत्याओं के केस दर्ज हुए। गंभीर धाराओं के कुल 71 केस उस पर दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक 1992 में विकास ने जरायम की दुनिया में कदम रखा। प्रॉपर्टी विवाद में गांव के दलित युवक छुन्नालाल को गोलियों से भून डाला था।
विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
इस वारदात के बाद इलाके में उसका दबदबा बनने लगा। तभी चालीस बीघा जमीन के मामले में कानपुर देहात के ताराचंद इंटर कॉलेज, शिवली के प्रिंसिपल सिद्देश्वर पांडेय की सन 2000 में हत्या की। ये मामला ठंडा नहीं हुआ था कि 2001 में विकास ने भाजपा नेता संतोष शुक्ला को वर्चस्व व राजनीतिक रंजिश में शिवली थाने के भीतर घुसकर गोली मारकर मौत के घाट उतारा।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद विकास की शहर, देहात में दहशत कायम हो गई। फिर विकास ने 2002 और 2004 में भी हत्या की वारदातों को अंजाम दिया। हत्या के प्रयास, बलवा, लूट, डकैती, जालसाजी जैसे 71 केस उस पर दर्ज हैं। केवल चौबेपुर में ही उसके खिलाफ 60 केस दर्ज हैं।
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विकास दुबे का घर
- फोटो : amar ujala
भाई की दी थी सुपारी
विकास का चचेरा भाई अनुराग दुबे जेल में बंद था। दोनों का विवाद चल रहा था। इस बीच जेल में ही विकास ने अनुराग को मारने के लिए सुपारी दी थी। जेल में उस पर हमला भी हुआ था। विकास पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें वह सालभर पहले जेल गया था। पांच महीने पहले ही वो वहां से छूटा और फिर से जघन्य अपराधों को अंजाम देने लगा।
विकास का चचेरा भाई अनुराग दुबे जेल में बंद था। दोनों का विवाद चल रहा था। इस बीच जेल में ही विकास ने अनुराग को मारने के लिए सुपारी दी थी। जेल में उस पर हमला भी हुआ था। विकास पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें वह सालभर पहले जेल गया था। पांच महीने पहले ही वो वहां से छूटा और फिर से जघन्य अपराधों को अंजाम देने लगा।