कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद फरार हुआ कुख्यात विकास दुबे फरीदाबाद से गायब होने के बाद गुरुवार को अचानक 750 किमी दूर मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में नजर आया। यहां उसने सबसे पहले 250 रुपए की पर्ची कटवाई फिर मंदिर में महाकाल के दर्शन किए और फिर चिल्ला चिल्लाकर बोला मैं हूं कानपुर वाला विकास दुबे।
Vikas Dubey: क्या सरेंडर करने उज्जैन पहुंचा था विकास दुबे, 250 रु. की टिकट कटवा मंदिर में घूमा फिर इस अंदाज में दिया अपना परिचय
जिससे मंदिर प्रांगण में हड़कंप मच गया। आननफानन में मध्य प्रदेश में पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया। यूपी पुलिस के सूत्रों की मानें तो एक के बाद एक विकास के साथियों का एनकाउंटर होने के बाद वो जान बचाकर एमपी पहुंचा। उज्जैन के महाकाल मंदिर में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे के बीच नीली धारियों की टीशर्ट पहन मास्क लगाकर एक आदमी वीआईपी दर्शन के टिकट काउंटर पर पहुंचा। उसने वीआईपी दर्शन के लिए 250 रुपए की पर्ची कटवाई।
फिर वह प्रसाद की एक दुकान पर पहुंचकर अपना बैग रखा। बैग रखने के बाद वह महाकाल मंदिर के एक नंबर गेट से पर्ची दिखाकर दाखिल हुआ। अंदर जाने के दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे। इस दौरान विकास आराम से मंदिर प्रांगण में घूमता रहा। पुलिस उसकी लोकेशन देखकर मंदिर के अंदर दाखिल हुई और उसे हिरासत में ले लिया।
जब पुलिस उसे बाहर लेकर आ रही थी तो उसने चिल्लाकर बोला मैं ही विकास दुबे हूं...कानपुर वाला। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे से करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस पूरी तरह से इस बात की पुष्टि करना चाहती थी कि इतनी आसानी से पकड़ में आने वाला आदमी विकास दुबे ही है। जब पुलिस को यकीन हो गया तो सुबह 10 बजे के करीब खबरें आईं कि विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है।