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Kanpur: मोतीझील में ऑल इंडिया ऑल ब्रीड्स चैंपियनशिप डॉग शो में कुत्तों ने किया रैंप वॉक
Sat, 15 Nov 2025 11:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:59 PM IST
सार
Kanpur News: मोतीझील में ऑल इंडिया ऑल ब्रीड्स चैंपियनशिप डॉग शो में 42 नस्लों के 228 कुत्ते शामिल हुए।
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डॉग शो
- फोटो : अमर उजाला
मोतीझील लॉन शनिवार को आयोजित ऑल इंडिया ऑल ब्रीड्स चैंपियनशिप डॉग शो में देसी-विदेशी नस्लों के कुत्तों ने जलवा बिखेरा। 10 लाख का साइबेरियन हस्क, चश्मा लगाकर कैटवॉक करते अमेरिकी बुली को देख डॉग लवर्स ने तालियां बजाईं। कोई चश्मा लगाए नजर आया तो कोई अपने हावभाव से लोगों को आकर्षित करता रहा। एक साथ दो अमेरिकन बुली हंटर और माफिया रैंप पर उतरे तो लोग हतप्रभ होकर उन्हें देखते रहे। 42 नस्लों के 228 कुत्तों ने फुर्ती और शालीनता का प्रदर्शन किया। डाबरमैन और पोमेरेनियन ने अपने-अपने ग्रुपों में बाजी मारी।
डॉग शो
- फोटो : अमर उजाला
फुर्ती, शिकारी क्षमताओं के लिए जाना जाता है कारवां हाउंड (मुधोल हाउंड)
शो में फिरोजाबाद से आए शिवम गुप्ता कारवां हाउंड (मुधोल हाउंड) ब्रीड का कुत्ता लेकर आए। बताया कि मुगल काल में यात्रा (कारवां) में इसे हमला करने के लिए इस्तेमाल करते थे। देाह नस्ल के कारवां हाउंड को हाल ही में भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इन्हें इनकी गति, फुर्ती और शिकारी क्षमताओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। भारतीय सेना ने पहली बार देसी नस्ल के कुत्तों को प्रशिक्षण देने की शुरुआत की है। इससे पहले सेना ने जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर, ग्रेट स्विस माउंटेन डॉग जैसी विदेशी नस्लों का उपयोग किया है।
शो में फिरोजाबाद से आए शिवम गुप्ता कारवां हाउंड (मुधोल हाउंड) ब्रीड का कुत्ता लेकर आए। बताया कि मुगल काल में यात्रा (कारवां) में इसे हमला करने के लिए इस्तेमाल करते थे। देाह नस्ल के कारवां हाउंड को हाल ही में भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इन्हें इनकी गति, फुर्ती और शिकारी क्षमताओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। भारतीय सेना ने पहली बार देसी नस्ल के कुत्तों को प्रशिक्षण देने की शुरुआत की है। इससे पहले सेना ने जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर, ग्रेट स्विस माउंटेन डॉग जैसी विदेशी नस्लों का उपयोग किया है।
डॉग शो
- फोटो : अमर उजाला
10 लाख का साइबेरियन हस्की भी रैंप में उतरा
शो में रैंप पर उतरा साइबेरियन हस्क आकर्षण का केंद्र रहा। 10 लाख के बताए गए इस कुत्ते के साथ सेल्फी खींचने और वीडियो बनाने के लिए डॉग लवर्स में होड़ मची रही। इसे यहां डॉग शो में लेकर आईं कोतकाता की नित्या बांगर ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले ही इसे रूस से मंगाया है।
लेब्रा के बिगड़े मिजाज
डॉग शो के दौरान लेब्रा डॉग के मिजाज बिगड़ गए। वह भौंकने के साथ ही इधर-उधर भागने लगा। उसे बर्फ खिलाई गई। ठंडक मिलने पर वह शांत हुआ।
शो में रैंप पर उतरा साइबेरियन हस्क आकर्षण का केंद्र रहा। 10 लाख के बताए गए इस कुत्ते के साथ सेल्फी खींचने और वीडियो बनाने के लिए डॉग लवर्स में होड़ मची रही। इसे यहां डॉग शो में लेकर आईं कोतकाता की नित्या बांगर ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले ही इसे रूस से मंगाया है।
लेब्रा के बिगड़े मिजाज
डॉग शो के दौरान लेब्रा डॉग के मिजाज बिगड़ गए। वह भौंकने के साथ ही इधर-उधर भागने लगा। उसे बर्फ खिलाई गई। ठंडक मिलने पर वह शांत हुआ।
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डॉग शो
- फोटो : अमर उजाला
बालों की खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं लिलि, स्पार्क
दिल्ली से नकुल चंदेल लिलि और स्पार्क को लाए। बताया कि यह स्पेन की प्रजाति है। बहुत सक्रिय हैं। इन्हें संजाने में घंटों लगते हैं। खूबसूरत बाल इस नस्ल की खासियत है। इसकी ग्रूमिंग, कटिंग, क्राउनिंग आसान है। इनकी कीमत एक लाख और इससे ज्यादा बताई गई।
गोल्डन रिट्रीवर के जलवे
शो में गोल्डन रिट्रीवर के जलवे देखते ही बनते थे। कोलकाता से इसे लेकर आईं तापसी ने बताया कि साइबेरिया का गोल्डन रिट्रीवर का रखरखाव महंगा है। हर महीने 30 हजार से ज्यादा का भोजन और फूड सप्लीमेंट खाता है।
दिल्ली से नकुल चंदेल लिलि और स्पार्क को लाए। बताया कि यह स्पेन की प्रजाति है। बहुत सक्रिय हैं। इन्हें संजाने में घंटों लगते हैं। खूबसूरत बाल इस नस्ल की खासियत है। इसकी ग्रूमिंग, कटिंग, क्राउनिंग आसान है। इनकी कीमत एक लाख और इससे ज्यादा बताई गई।
गोल्डन रिट्रीवर के जलवे
शो में गोल्डन रिट्रीवर के जलवे देखते ही बनते थे। कोलकाता से इसे लेकर आईं तापसी ने बताया कि साइबेरिया का गोल्डन रिट्रीवर का रखरखाव महंगा है। हर महीने 30 हजार से ज्यादा का भोजन और फूड सप्लीमेंट खाता है।
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डॉग शो
- फोटो : अमर उजाला
92 पालतू कुत्तों का हुआ पंजीकरण, 126 को लगा टीका
कार्यक्रम के दौरान 92 पालतू कुत्तों का पंजीकरण भी किया। उनके मालिकों को निगम की ओर से फ्री गिफ्ट पैकेट दिए गए। स्वयंसेवी संस्थाओं को निराश्रित कुत्तों के लिए सर्दी से बचाव वाले गद्दे भी निशुल्क वितरित किए गए। सीवीओ ने बताया कि कार्यक्रम में नगर निगम की तरफ से कुत्तों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। 126 कुत्तों का टीकाकरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 92 पालतू कुत्तों का पंजीकरण भी किया। उनके मालिकों को निगम की ओर से फ्री गिफ्ट पैकेट दिए गए। स्वयंसेवी संस्थाओं को निराश्रित कुत्तों के लिए सर्दी से बचाव वाले गद्दे भी निशुल्क वितरित किए गए। सीवीओ ने बताया कि कार्यक्रम में नगर निगम की तरफ से कुत्तों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। 126 कुत्तों का टीकाकरण भी किया गया।
इस शो में देशभर से विभिन्न देशी, विदेशी नस्लों के कुत्ते आए हैं। शो के माध्यम से कुत्तों को वैज्ञानिक तरीके से घर में रखने के तरीके बताए गए। उनका वैक्सीनेशन कब कराया जाए। शाम को विजेताओं को पुरस्कार दिए गए।- डॉ. आरके निरंजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम