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कानपुर हादसा: इस मां ने खो दिए तीन बेटे, शादी के जोड़े की जगह सादे कपड़ों में आई होने वाली दुल्हन
Sat, 12 Jun 2021 09:03 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 12 Jun 2021 09:03 AM IST
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तीन बेटों की मौत से बदहवास मां
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में सचेंडी हाईवे पर किसान नगर के पास मंगलवार रात डबल डेकर बस और टेंपो की टक्कर में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में धनीराम के तीन बेटों राम मिलन (24), शिवभजन (22) व लवलेश (19) की मौत हुई है। तीनों बेटों की मौत से मां गीता देवी गश खाकर बार-बार गिर जा रही थीं। पिता ने बताया कि 10 दिन पहले ही तीनों बेटों ने कंपनी से एडवांस लेकर मां का ऑपरेशन कराया था। पेट में गांठ थी। राम मिलन की शादी भी बिधनू के बिनगवां में तय कर दी थी। जुलाई में बरात जानी थी। हादसे की खबर सुनकर बिनगवां से अपने परिवार के साथ राम मिलन की होने वाली पत्नी भी पहुंची। उसका भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। युवती के पिता ने कहा कि उनका सपना तो बेटी को लाल जोड़े में भेजने का था। उन्हें क्या पता था कि बेटी को सादे कपड़ों और नंगे पैर लाना पड़ेगा।
कानपुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
आठ माह पहले हुई थी बड़ी बहू की मौत, अब मझले बेटे की
शिवचरन (25) के पिता कमलेश ने बताया कि यह उनका मंझला बेटा था। फैक्ट्री में काम कर खर्च चलाता था। आठ माह पहले उनके बड़े बेटे शिव बालक की पत्नी रिंकी का बीमारी से निधन हो गया था। मंगलवार हादसे में शिवचरन की मौत से वे टूट गए हैं। बताया कि शिवचरन की मां रानी बीमार रहती हैं। इसके चलते शिवचरन की शादी की बात चल रही थी। सिर पर सेहरा बंधने से पहले ही उसकी अर्थी उठानी पड़ी।
शिवचरन (25) के पिता कमलेश ने बताया कि यह उनका मंझला बेटा था। फैक्ट्री में काम कर खर्च चलाता था। आठ माह पहले उनके बड़े बेटे शिव बालक की पत्नी रिंकी का बीमारी से निधन हो गया था। मंगलवार हादसे में शिवचरन की मौत से वे टूट गए हैं। बताया कि शिवचरन की मां रानी बीमार रहती हैं। इसके चलते शिवचरन की शादी की बात चल रही थी। सिर पर सेहरा बंधने से पहले ही उसकी अर्थी उठानी पड़ी।
कानपुर दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
एक की मौत, दूसरा बेटा जिंदगी की जंग लड़ रहा
प्रमोद के तीन बेटों में अंकुश और अंकित फैक्टरी में काम करते थे। तीसरा बेटा लवकुश घर पर ही रहता था। हादसे में अंकुश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंकित गंभीर रूप से घायल है। कोरोना पॉजिटिव होने के चलते उसका हैलट के न्यूरो साइंसेज में इलाज चल रहा है। प्रमोद ने बताया कि अभी तक वे बेटे को देख भी नहीं पाए हैं, कि वह किस हालत में है।
प्रमोद के तीन बेटों में अंकुश और अंकित फैक्टरी में काम करते थे। तीसरा बेटा लवकुश घर पर ही रहता था। हादसे में अंकुश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंकित गंभीर रूप से घायल है। कोरोना पॉजिटिव होने के चलते उसका हैलट के न्यूरो साइंसेज में इलाज चल रहा है। प्रमोद ने बताया कि अभी तक वे बेटे को देख भी नहीं पाए हैं, कि वह किस हालत में है।
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कानपुर दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बेटी की डोली उठने से पहले उठी पिता की अर्थी
करन सिंह यादव (40) पिछले 10 साल से फैक्टरी में काम करते थे। परिवार में पत्नी उर्मिला, एक बेटा विवेक और दो बेटियां सपना और काजल हैं। सपना दिव्यांग है। विवेक ने बताया कि पिता ने उनकी बहन काजल की शादी ककवन में तय की थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं। इससे पहले पिता की मौत हो गई। पिता की मौत से बेटी व परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था।
करन सिंह यादव (40) पिछले 10 साल से फैक्टरी में काम करते थे। परिवार में पत्नी उर्मिला, एक बेटा विवेक और दो बेटियां सपना और काजल हैं। सपना दिव्यांग है। विवेक ने बताया कि पिता ने उनकी बहन काजल की शादी ककवन में तय की थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं। इससे पहले पिता की मौत हो गई। पिता की मौत से बेटी व परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था।
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कानपुर में भीषण सड़क हादसा
- फोटो : amar ujala
तीन माह पहले ही शुरू किया था फैक्टरी जाना
हादसे में ज्ञानेंद्र सिंह (55) की भी मौत हुई है। वे पिछले तीन माह से फैक्टरी में काम पर जा रहे थे। परिवार में पत्नी रन्नो देवी के अलावा बेटा रोहित, राजन व बेटी सोनम, रेनू, कामनी व कोमल हैं। ज्ञानेंद्र ने तीन बेटियों की शादी कर दी थी। कोमल की शादी के लिए लड़का ढूंढ रहे थे। इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
फैक्टरी में काम कर उठाता था घर का खर्च
गोलू (19) रिश्ते में ज्ञानेंद्र का नाती लगता था। उसके परिवार में पिता शिव लखन, मां सुमन के अलावा दो भाई अंकित, गोलू व बहन आकांक्षा व मुस्कान हैं। परिजनों ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते फैक्टरी में काम कर घर का खर्च उठाता था।
अनिल पर भी थी बड़ी जिम्मेदारी
हादसे में घायल अनिल (16) ने मंगलवार तड़के उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसके परिवार में पिता राम नरेश, मां विमला, छोटा भाई सोनू व दो बहने मोनी और सोनी हैं। सोनी की शादी हो चुकी है। अनिल के ऊपर भी पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।
हादसे में ज्ञानेंद्र सिंह (55) की भी मौत हुई है। वे पिछले तीन माह से फैक्टरी में काम पर जा रहे थे। परिवार में पत्नी रन्नो देवी के अलावा बेटा रोहित, राजन व बेटी सोनम, रेनू, कामनी व कोमल हैं। ज्ञानेंद्र ने तीन बेटियों की शादी कर दी थी। कोमल की शादी के लिए लड़का ढूंढ रहे थे। इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
फैक्टरी में काम कर उठाता था घर का खर्च
गोलू (19) रिश्ते में ज्ञानेंद्र का नाती लगता था। उसके परिवार में पिता शिव लखन, मां सुमन के अलावा दो भाई अंकित, गोलू व बहन आकांक्षा व मुस्कान हैं। परिजनों ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते फैक्टरी में काम कर घर का खर्च उठाता था।
अनिल पर भी थी बड़ी जिम्मेदारी
हादसे में घायल अनिल (16) ने मंगलवार तड़के उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसके परिवार में पिता राम नरेश, मां विमला, छोटा भाई सोनू व दो बहने मोनी और सोनी हैं। सोनी की शादी हो चुकी है। अनिल के ऊपर भी पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।