कानपुर में पिछले 24 घंटे से सक्रिय चक्रवाती हवाओं की वजह से मंगलवार देर रात बारिश हुई। इस दौरान करीब दो मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं बिल्हौर के कई इलाकों में ओले भी गिरे। सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। इस बीच मंगलवार को दिन का तापमान इस वर्ष सबसे अधिक 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 13.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार अरब सागर से लगातार हवाएं उठ रही हैं, जिससे महानगर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मौसम में बदलाव आया है। कई जिलों में तेज हवा के साथ ओले भी पड़े हैं। बारिश की वजह से रात को 12 बजे के आसपास तापमान में तीन डिग्री की कमी आ गई।
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कुंडौरा गांव में लेटी लाही की फसल
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हमीरपुर में 15 मिनट में ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
हमीरपुर जिले में तेज आंधी के साथ महज 15 मिनट में आसमान से आफत बरसी। मंगलवार शाम करीब पांच बजे तेज आंधी व बारिश के साथ हुई तेज ओलवृष्टि ने देखते ही देखते मसूर, मटर, चना, गेहूं, सरसों आदि फसलें खेतों में जमींदोज हो गईं। तेज आंधी से गांव में कई पेड़ व टीनशेड उड़ गए। ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान की संभावना है। हालांकि जिम्मेदार फसलों का सर्वे कराकर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की बात कह रहे हैं। सदर तहसील में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हर वर्ष जनपद का किसान तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि व अतिवृष्टि का शिकार हो जाता है। दैवी आपदाओं ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। जो बैंकों व साहूकारों के कर्ज के बोझ तले दबे हैं, जिससे वह दशकों से उबर नहीं पा रहे हैं।
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बांदा में भारी ओलावृष्टि
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ओलों व बारिश ने धोए अरमान, किसान परेशान
बांदा जिले में अभी बीते दिनों नरैनी में हुई ओलावृष्टि का सर्वे भी न हो पाया था कि मंगलवार की देर शाम खप्टिहां व बबेरू क्षेत्र में फिर से बारिश व ओलावृष्टि हो गई। इससे कई बीघा की फसलों को नुकसान की आशंका है। किसानों के चेहरे भी मुरझा गए हैं। कहना है कि बेमौसम की बारिश व ओलों ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है। बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लगभग 15 से 20 गांवों जिनमें काजीटोला, कबीरपुर ,चौहान डेरा ,पिडारन, बाकल समगरा, सीरिया ताला, शमसुद्दीनपुर, औगासी, करहुली, भभुवा, अघाव आदि गांवों में 100-100 ग्राम के ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। पहले ओले गिरे, इसके बाद गरज चमक के साथ बरसात हुई। इससे लाही, चना, गेहूं, मसूर, अलसी सहित तमाम फसलों का नुकसान हुआ है।
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रनियां में बारिश के दौरान भीगते हुए जातीं युवतियां
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कानपुर देहात में गरज चमक के साथ हुई बारिश
कानपुर देहात में बसंत पंचमी के बाद से मौसम से करवट ले ली। तेज धूप निकलने से मौसम का मिजाज गर्म हो गया। इससे फसलों की सिंचाई को लेकर किसान परेशान हो रहे हैं। मंगलवार शाम को कई जगह गरज चमक के साथ बारिश हुई। इससे मौसम ठंडा हो गया। जहां बारिश हुई वहां फसलों को सिंचाई से फौरी राहत मिली है। अब 23 फरवरी तक तेज हवा संग हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं। एक सप्ताह से मौसम गर्म हो रहा है। दोपहर में चटक धूप निकलने से पसीना छूट रहा हैं। सबसे अधिक समस्या खेत में किसानों को हो रही है। गर्मी पड़ने से गेहूं, जौ व चना आदि की फसल को नुकसान है। जबकि फसलों की सिंचाई जरूरत को लेकर लागत बढ़ने से नुकसान की आशंका से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरी हैं।
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आसमान में छाए बादल
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औरैया जिले में देर शाम अचानक आसमान में छाए बादल
औरैया जिले में जाती सर्दी के बीच भले ही तापमान में बढ़ोतरी हुई हो लेकिन सुबह-शाम ठंड का असर बरकरार है। मंगलवार देर शाम अचानक मौसम में आए बदलाव ने लोगों को काफी हद तक चौका दिया। आसमान में घने बादल छाते हुए तेज हवाएं चलीं। बारिश के आसार भी बने। मौसम वैज्ञानिक अनंत कुमार की ओर से पिछले दिनों बारिश होने के आसार जताए थे। कुछ ऐसी ही स्थिति मंगलवार शाम देखने को मिली। आसमान में घने बादल छा गए। तेज सर्द हवाएं चलीं। तापमान में गिरावट भी हुई। मौसम वैज्ञानिक अनंत कुमार ने बताया कि बारिश के आसार हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। ठंड की दोबारा दस्तक भी हो सकती है।