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यूपी में बाढ़ का कहर: जालौन औरैया हाईवे बंद, सैकड़ों गांवों में घुसा पानी, मदद के लिए सेना तैनात, तस्वीरें...
Sat, 07 Aug 2021 11:21 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 07 Aug 2021 11:21 AM IST
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बाढ़ का कहर
- फोटो : amar ujala
पहाड़ों पर हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कानपुर के आसपास और बुंदेलखंड के जिलों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। जालौन औरैया हाईवे को बंद कर आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। राहत और बचाव के काम नाकाफी साबित हो रहे हैं। जालौन के रामपुरा में सिंध नदी उफनाने के बाद शुक्रवार को सेना ने बचाव कार्य शुरू किया था। सेना ने कई गांवों में फंसे लोगों को निकाला था। जिले में सिंध, पहुज व यमुना नदियों के उफान मारने से घर, मकान व मवेशी सभी कुछ डूब चुके हैं। ग्रामीण जान बचाकर पलायन को मजबूर हैं। औरैया में यमुना नदी में बाढ़ से सदर और अजीतमल तहसील के 22 गांव जलमग्न हो गए। बाढ़ का पानी घरों की छतों तक पहुंच रहा है।
जालौन औरैया हाईवे पर पुलिस तैनात
- फोटो : amar ujala
यहां प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने औरैया, इटावा समेत बाढ़ प्रभावित कई जिलों का हवाई दौरा कर जायजा लिया था। चित्रकूट में यमुना एवं पयस्वनी नदी का जलस्तर बढ़ने से तिरहर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों का आवागमन बंद हो गया है।
गांव से पलायन करने को मजबूर हुए लोग
- फोटो : amar ujala
गांव में फंसे लोगों को नाव से बाहर निकाला जा रहा है। इटावा में यमुना और चंबल में आई बाढ़ से 45 गांव प्रभावित हैं। शुक्रवार को चंबल के जलस्तर में एक मीटर और यमुना के जलस्तर में आंशिक कमी होने से थोड़ी राहत मिली है।
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बाढ़ की चपेट में कई गांव
- फोटो : amar ujala
फतेहपुर में शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 100.20 मीटर पर पहुंच गया। बाढ़ के चलते ललौली और किशनपुर क्षेत्र की सड़के पानी में डूब गईं हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
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तेजी से बढ़़ रहा है यमुना का जलस्तर
- फोटो : amar ujala
फर्रुखाबाद में भी गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर ही बहती रही। उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांव के खेतों में पानी भर गया है। कटान भी तेज हो गई है। यहां शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 111.800 मीटर पर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु 112 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर दूर है।