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हर कोऊ चांद से मुहब्बत करिहै तो सूरज तो जलबै करी- राजू श्रीवास्तव
Mon, 17 Jun 2019 10:14 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 17 Jun 2019 10:14 AM IST
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राजू श्रीवास्तव
दोस्तों आजकाल क्र्रिकेट वर्ल्ड कप का जोर चलि रहा .. सबसे चौकस खेलि रही आय बरसात.. अईस खेल रही आय कि कौनो का खेले नाही दे रहि.. परसों हरबंस मोहल वाले संकठा के घर मा पुलिस आय गयी.. उई लोगे कहे लाग कहां है सीरियल किलर? .. तो संकठा की पत्नी संकठा की तरफ इशारा करि के कहिन ई बईठे हैं सीरियल किलर.. जेल लई जाव इनका.. वर्ल्ड कप के चक्कर मा एक्कौ सीरियल नाही देखे दे रहा.. यही आय हमरे सीरियलन का किलर.. अउर भईया वर्ल्ड कप के साथै साथ गरमीऔ का जोर चरम पे आय.. लेकिन दिल्ली की महिलावन के मजे आंय..
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राजू श्रीवास्तव
दिल्ली मा एक औरत दूसर औरत से कहिस.. अये बहेन बहुत गरमी आय.. चल मेट्रो मा बईठ के गुड़गांव के दुई चक्कर लगाय के आवत हैं .. लेकिन गरमी मा एक्कै बात हमका खराब लगत है कि लोग गरमी मा सादी बियाह काहे करत हैं.. एक तो चिपचिपी गरमी.. ऊपर से औरतन का मेकअप.. पता चला गरमी मा उनका सारा मेकअप बहि रहा.. सिन्दूर माथे से होय के नाक से चुई रहा है.. लेकिन फिर भी कमाल आय अईस औरतन का कि एक हाथ मा लौंडे का गोदी लिए हैं.. दूसर हाथ से घूंघट संभालत भये खानाऔ खाय रही हैं..
राजू श्रीवास्तव
वो भी भट्टी के सामने बईठ के.. पता चला रसा बहि के कोहनी तलक आय गवा.. ईं खुदौ खाय रहीं अउर आपन लौंडे का भी खवाय रहीं.. ये एक अलगे कमाल आय औरतन का.. अच्छा ई औरतन का एक अउर टैलेंट होत है.. झूठ बोले का.. मान लेव कौनो सूट बाजार से खरीद के लात हैं 350 रुपये का.. बतावत हैं 2350 का.. अउर बात करी मरदन की तो भईया अईस भद्दर गरमी मा सूट पहिने आदमियन का देखि के उनका सैल्यूट करे का मन करत है.. इनका वीरता पुरस्कार मिले के चाहि..
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राजू श्रीवास्तव
पता चला ससुराल पक्ष मा कौनो शादी आय.. तो भईया ससुराल से मिले सूट का पहिनना भी जरूरी आय.. उस आदमी केर दसा अईस होत है कि सहा भी ना जाय कुछु कहा भी ना जाय.. अइसेहे एक बार हम आपन बड़े भईया के संगे उनकी ससुरारी मा एक शादी मा गे रहन उन्नाव.. भयंकर गरमी मा जइसे तइसे बरात हॉल पहुंचे तो मारे गरमी के हम सबसे पहिले पंखा ढूंढ के ओके आगे सेट हुई गयेन.. तभीन बड़े भईया आय के कहिन ‘राजू जल्दी लपक के खाना खाय लेव.. हलवा तो पहिलेहे खतम हुई चुका.. सुना आय उधिर पलेट कम पडि रही आंय.. खाना खतम पे है.. खैर हम तुरंत लपक के हौंक लिहा.. फिर हम हुंवा गेस्ट हाउस मा लेटे बईठे का इन्तिजाम देखेन..
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राजू श्रीवास्तव
अच्छा हम एक बात नोटिस किये हन कि गरमी केर शादी मा बत्ती जरूर जात है.. तो हम जइसेहे जनवासे मा जाय के लेटेन.. बत्ती चली गयी.. अब लाइट गयी तो कोऊ छत पे भाग रहा तो कोऊ मैदाने तरफ.. वईसेहे गरमी मा हाल खराब हुई गवा रहै.. अच्छा हम एक ठौ बात अउर नोटिस किये हन कि जब सुबह बरात केर बिदाई हुई जात है.. सब बाराती दहेज का सामान बस मा चढ़ाय के जइसेहे बस मा बईठत हैं.. तब बत्ती आ जात है.. ई बात आज तलक समझ मा नाही आई.. ई बिजली चिढ़ावत है ससुरी..