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पीयूष जैन एंड कंपनी का बचना नामुमकिन: बरगद की शाखाओं की तरह फैला है काले धन का नेटवर्क, हर एजेंसी करेगी जांच

Sun, 26 Dec 2021 10:52 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 26 Dec 2021 10:52 AM IST
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Impossible to survive Piyush Jain & Co: Black money network is spread like banyan branches, every agency will investigate
Tax Raid: पीयूष जैन और दोनों बेटे पुलिस की हिरासत में हैं - फोटो : amar ujala
इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों से मिली 181 करोड़ रुपये की नकदी सिर्फ टैक्स चोरी भर नहीं है। जांच एजेंसियों के लिए यह बरगद की शाखाओं की तरह फैले काले धन के नेटवर्क के हाथ लगने जैसा साबित होगा। कारोबारी, टैक्स विशेषज्ञ और जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि यह व्यवसाय से कमाई गई रकम नहीं हो सकती। कारोबारी पीयूष जैन के घर पर जमा रकम कई स्रोतों से जुटाकर एक स्थान पर रखी गई मालूम पड़ती है। हालांकि, जांच टैक्स चोरी के बिंदु से शुरू हुई है, इसलिए इसी पर आगे बढ़ेगी और हर एजेंसी इसकी जांच करेगी। परत दर परत चीजें सामने आएंगी। इस जांच का मकसद अघोषित रकम को ठिकाने लगाने वालों की जड़ें तलाशना अधिक होगा। सभी के मन में सवाल ये होगा कि इस प्रकरण में आगे क्या होगा और क्या हो सकता है। आइए समझते हैं।


 
Impossible to survive Piyush Jain & Co: Black money network is spread like banyan branches, every agency will investigate
piyush jain income tax raid: पीयूष के बेटे को ले जाता अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
यह रकम टैक्स चोरी की हो या न हो, लेकिन इस प्रकरण में पीयूष जैन एंड कंपनी का बचना मुश्किल है। जीएसटी चोरी पकड़ने के लिए डीजीजीआई सबसे सख्त और सबसे बड़ी जांच एजेंसी है। यह महीनों की रेकी और सघन छानबीन के बाद ही किसी पर हाथ डालती है। डीजीजीआई के अफसरों को यदि लगता है कि पीयूष जैन और उसके सहयोगी जांच में बाधा बन सकते हैं तो उनकी गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है।
 
Impossible to survive Piyush Jain & Co: Black money network is spread like banyan branches, every agency will investigate
piyush jain income tax raid - फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तारी होने पर कम से कम छह माह तक जमानत संभव नहीं है। कारोबारी सहयोग करते हैं तो छापा खत्म होने के बाद इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। बरामद रकम का स्रोत और टैक्स की स्थिति देखी जाएगी। कारोबारी अपना पक्ष रखने के लिए पहले एडिशनल कमिश्नर (अपील) फिर ट्रिब्यूनल, इसके बाद हाईकोर्ट जा सकेंगे। टैक्स चोरी साबित होने पर गिरफ्तारी और पांच से सात वर्ष की कैद हो सकती है। टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम और उसे छिपाने के तरीके ने ही यह साफ कर दिया है कि यह बड़ी टैक्स चोरी का मामला है।

 
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piyush jain income tax raid: तीन दिन से घर के बाहर तैनात है पीएसी - फोटो : अमर उजाला
बरामद रकम सरकार जमा रखेगी 
कारोबारी के घर से मिली रकम जांच पूरी होने तक सरकार जमा रखेगी। जांच में कारोबारी ने जितनी रकम का हिसाब दे दिया, वह रकम टैक्स काटने के बाद लौटा दी जाएगी। बाकी रकम बेनामी मान ली जाएगी। इसके बाद बेनामी अधिनियम के तहत केस चलेगा।

 
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Tax Raid - फोटो : अमर उजाला
किसी और की रकम बताकर बच नहीं सकते
टैक्स विशेषज्ञ बताते हैं कि पीयूष जैन के बचने के सारे रास्ते बंद हैं। वह दूसरे की रकम बताकर और साक्ष्य देकर भी इस केस से छुटकारा नहीं पा सकता। रकम जिसकी भी बताई जाएगी, उसकी जांच शुरू हो जाएगी पर गैरकानूनी तरीके से रकम रखने के मामले में पीयूष भी फंसा रहेगा। निश्चित रूप से एजेंसियां यह जानना चाहेंगी कि यह पैसा कहां से आया। 
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