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IITIANS के ये कारनामें देख दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे आप
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:02 AM IST
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आईआईटी कानपुर के छात्र
आईआईटी कानपुर के छात्र पढ़ाई के साथ कई अन्य गतिविधियों में भी काफी आगे हैं। छात्रों के पांच अलग-अलग समूह ने पिछले एक माह के अंदर देश की चार ऊंचे और कठिन पहाड़ों पर फतह किया है। एक नजर इनके हौसलों के किस्सों पर...
आईआईटी कानपुर के छात्र
इसमें चार टीम ने उत्तराखंड का दयारा बुग्याल, चंद्रशीला ट्रैक, सिक्किम का गोएचाला ट्रैक और नेपाल का अन्नपूर्णा सैंक्युचरी ट्रैक पर चढ़ाई की तो एक टीम ने न्यू जलपाई गुड़ी से गंगटोक तक की कठिन दूरी साइकिल से पूरी की। इसकी दूरी करीब 300 किलोमीटर है। छात्र गंगटोक से वापसी में भी साइकिल से ही उतरे। अब छात्र गर्मी की छुट्टियों में कुछ अन्य पहाड़ों पर चढ़ाई की तैयारी में जुट गए हैं। आईआईटी एडवेंचर क्लब के कोआर्डिनेटर महेश बिस्ट और सारंग ने बताया कि अभी पहाड़ों के नाम नहीं तय हुए हैं लेकिन इस बार कुछ ज्यादा ही रोचक किया जाएगा।
आईआईटी कानपुर के छात्र
युकसोम से गोएचाला तक का सफर किया पूरा
आईआईटी कानपुर के छात्र नीतिश कुमार और शुभम गुप्ता की अगुवाई में सात छात्रों की टीम ने सिक्किम के युकसोम से गोएचाला ट्रैक की ऊंचाईयों तक सफलतापूर्वक चढ़ाई की। शुभम बताते हैं कि इस पहाड़ की ऊंचाई 4949 मीटर है लेकिन रास्ते काफी कठिन हैं। पथरीली पहाड़ों पर चढ़ाई करना काफी मुश्किल होता है। बीच में कई दिक्कतें भी आई लेकिन सभी ने इसपर फतह किया।
आईआईटी कानपुर के छात्र नीतिश कुमार और शुभम गुप्ता की अगुवाई में सात छात्रों की टीम ने सिक्किम के युकसोम से गोएचाला ट्रैक की ऊंचाईयों तक सफलतापूर्वक चढ़ाई की। शुभम बताते हैं कि इस पहाड़ की ऊंचाई 4949 मीटर है लेकिन रास्ते काफी कठिन हैं। पथरीली पहाड़ों पर चढ़ाई करना काफी मुश्किल होता है। बीच में कई दिक्कतें भी आई लेकिन सभी ने इसपर फतह किया।
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आईआईटी कानपुर के छात्र
नेपाल पहुंच गए आईआईटीयंस
महेश बताते हैं कि नेपाल के पठार में 4130 मीटर की ऊंचाईयों पर स्थित अन्नपूर्णा सैंक्युचरी की चढ़ाई काफी मुश्किलों भरा होता है। पानी की समस्या भी होती है। ऐसे में अरुण कुमार की अगुवाई में यहां टीम ने 27 फरवरी से चढ़ाई शुरु की थी और छह दिनों में इसे पूरा कर लिया। छात्रों ने इसके लिए पूरे दो माह तैयारी की थी।
महेश बताते हैं कि नेपाल के पठार में 4130 मीटर की ऊंचाईयों पर स्थित अन्नपूर्णा सैंक्युचरी की चढ़ाई काफी मुश्किलों भरा होता है। पानी की समस्या भी होती है। ऐसे में अरुण कुमार की अगुवाई में यहां टीम ने 27 फरवरी से चढ़ाई शुरु की थी और छह दिनों में इसे पूरा कर लिया। छात्रों ने इसके लिए पूरे दो माह तैयारी की थी।
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आईआईटी कानपुर के छात्र
मस्ती के बीच पूरी की चंद्रशीला की चढ़ाई
उत्तराखंड की चंद्रशीला पीक पर चढ़ाई के लिए सात सदस्यों की टीम का लीडर गुंदीप अरोड़ा को बनाया गया था। महेश बताते हैं कि चंद्रशीला ट्रैक के रास्ते अच्छे होते हैं और बीच-बीच में खाने की सुविधा भी अच्छी होती है। ऐसे में आईआईटीयंस ने बड़े ही मस्ती के बीच 4000 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ाई कर ली।
उत्तराखंड की चंद्रशीला पीक पर चढ़ाई के लिए सात सदस्यों की टीम का लीडर गुंदीप अरोड़ा को बनाया गया था। महेश बताते हैं कि चंद्रशीला ट्रैक के रास्ते अच्छे होते हैं और बीच-बीच में खाने की सुविधा भी अच्छी होती है। ऐसे में आईआईटीयंस ने बड़े ही मस्ती के बीच 4000 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ाई कर ली।