लड़कों की शादी में एचआईवी की ‘बाधा’
जाने अनजाने में जो लोग लड़के या लड़की के लिए रिश्ते लेकर पहुंचते भी हैं वह एचआईवी की जानकारी होते ही भाग खड़े होते हैं। बीते पांच सालों में यहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 50 से अधिक लोग एचआईवी से पीड़ित हैं।
बांगरमऊ के चकमीरापुर में पांच साल पूर्व एचआईवी का पहला मरीज मिला था। पांच सालों में धीरे-धीरे एक दर्जन से अधिक लोग एचआईवी की गिरफ्त में आ गए। जबकि तीन लोगों की मौत हो गई।
गांव में बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मरीजों के मिलने के बाद गांव सुर्खियों में आ गया। इससे अब इस गांव के लड़कों से शादी से लोग कतराने लगे हैं। आस पास के गांव के लोग यहां लड़के या लड़कियों से शादी नहीं करना चाहते। ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन सालों से गांव में किसी भी युवक की शादी नहीं हुई है।
शादी के लिए आने वाले लोग एचआईवी की जानकारी होते ही बिना रिश्ता तय किए लौट जाते हैं। चकमीरापुर के अलावा नसिरापुर और किरमिदियापुर में भी कुछ ऐसा ही हाल है। एचआईवी से पीड़ित मरीजों की संख्या इन गांव में भी अधिक है।