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उमाकांत ने विकास दुबे के बारे में जो कुछ बताया उसे सुन पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए

Sun, 09 Aug 2020 12:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 09 Aug 2020 12:17 PM IST
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vikas dubey: Hearing what Umakant told about Vikas Dubey, Police scramble
विकास दुबे के करीबी उमाकांत ने किया सरेंडर - फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के गुर्गे उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन उर्फ बउअन ने शनिवार को चौबेपुर थाने में नाटकीय ढंग से सरेंडर किया। पत्नी व बेटी के साथ थाने पहुंचते ही उसने साष्टांग प्रणाम किया। इसके बाद बोला, दबिश से डरा हुआ हूं। मैं घटना में शामिल था। मुझे आत्मग्लानि है। खुद हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए, मुझ पर रहम करें। यही सब उसके गले में लटकी तख्ती में भी लिखा था।



 
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गले में टंगी तख्ती पर लिखा रहम किया जाए - फोटो : amar ujala
उमाकांत पर 50 हजार का इनाम भी है। विकास दुबे अपनी दहशत कायम रखने को हैवानियत की किसी भी हद को पार करने को तैयार रहता था। खेतों पर कब्जे को लेकर एक ग्रामीण ने जब उसके खिलाफ आवाज उठाई तो उसने उसको बीच गांव में पीटा और मुंह पर पेशाब कर दिया था। ऐसी क्रूरता और दरिंदगी की वजह से लोग उससे खौफ खाते थे। इसका खुलासा करने के साथ ही उमाकांत ने बताया कि विकास इंसान नहीं राक्षस था। उसके लिए इंसान की जान की कीमत नहीं थी। मजबूरी में लोग उसका साथ देते थे। विकास की दहशत की दास्तां सुन पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए।

 
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vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
लाइसेंसी राइफल से दागीं थीं गोलियां
उमाकांत ने बताया कि विकास के कहने पर उसने अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिस कर्मियों पर गालियां दागीं थीं। घटना के बाद विकास ने कहा था कि सब लोग अलग-अलग हो जाओ। इसलिए वह शहर दर शहर घूमता रहा। जब कोई रास्ता बचने का नहीं दिखा तो थाने में सरेंडर करने की योजना बनाई। 

 
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उमाकांत ने थाने पहुंच दंडवत प्रणाम किया - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में विकास के साथ गांव के उमाकांत शुक्ला ने भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। एसटीएफ और पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही। शनिवार सुबह उमाकांत परिवार के साथ चौबेपुर थाने पहुंचा। सीओ संतोष कुमार सिंह से बोला, मेरा नाम उमाकांत है। मुझे गिरफ्तार कर लो। पुलिस ने पत्नी और बेटी को घर भेज दिया। उमाकांत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस पर उसने बताया कि पुलिस हर दिन घर व रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही थी। डर था कि कहीं उसका भी एनकाउंटर न हो जाए। इसलिए वह सरेंडर करने थाने पहुंच गया। पत्नी और बेटी को इसलिए साथ लाया, जिससे पुलिस रहम करे। 

 
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vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
उमाकांत बोला, विकास पापी था
पूछताछ में उमाकांत विकास को जमकर गालियां दे रहा था। कहने लगा कि विकास ने जीना मुहाल कर रखा था। मजबूरी में लोग उसका साथ देते थे। विकास जमीनों पर कब्जा करता था। कोटे भी अपने पास रखता था। विकास पापी था। मर गया वरना न जाने कितनों को मार देता। उससे पूछताछ जारी है।
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