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बिकरू कांड में लखनऊ के हजरतगंज इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय लाइन हाजिर, बजरिया इंस्पेक्टर नहीं हटे
Fri, 18 Dec 2020 03:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 18 Dec 2020 03:22 PM IST
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में एसआईटी की जांच में फंसे लखनऊ के हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय हटा दिए गए हैं। उन्हें लाइन हाजिर किया गया है जबकि बजरिया थाने में तैनात थानेदार राममूर्ति यादव अभी भी डटे हुए हैं। एसआईटी की जांच में दोनों इंस्पेक्टर दोषी पाए गए हैं। एक ही दोष दोनों पर तय हुआ है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
मगर शहर पुलिस के अफसरों की बजरिया इंस्पेक्टर पर मेहरबानी बरकार है। तीन साल पहले एसआईटी ने लखनऊ में विकास दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। केस कृष्णा नगर थाने में दर्ज किया गया था। तब अंजनी कुमार पांडेय कृष्णा नगर थाने के थानेदार थे। जब बिकरू कांड हुआ और इसकी एसआईटी ने जांच की तब पाया कि अंजनी कुमार पांडेय ने केस में लापरवाही बरती थी।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
लापरवाही की वजह से विकास दुबे का भाई दीपक दुबे अपनी राइफल कोर्ट से छुड़ा ले गया था। पुलिस ने विकास दुबे का आपराधकि इतिहास भी नहीं खंगाला था और न ही आगे कोई कार्रवाई की। इसलिए एसआईटी ने अंजनी पांडेय को दोषी बनाया। अंजनी पांडेय पर लघु दंड की कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बजरिया पुलिस ने जय का हर कदम पर साथ दिया
बिकरू कांड में विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की बड़ी भूमिका सामने आई थी। जय व उसके दोनों भाई जेल में बंद हैं। एसआईटी के आदेश पर बजरिया थाने में उसके खिलाफ फर्जी शपथ पत्र देने का एक और केस हाल में दर्ज किया गया है। बजरिया पुलिस ने जय का हर कदम पर साथ दिया। इसी मिलीभगत में वर्तमान बजरिया इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव को एसआईटी ने दोषी ठहराया है।
बिकरू कांड में विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की बड़ी भूमिका सामने आई थी। जय व उसके दोनों भाई जेल में बंद हैं। एसआईटी के आदेश पर बजरिया थाने में उसके खिलाफ फर्जी शपथ पत्र देने का एक और केस हाल में दर्ज किया गया है। बजरिया पुलिस ने जय का हर कदम पर साथ दिया। इसी मिलीभगत में वर्तमान बजरिया इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव को एसआईटी ने दोषी ठहराया है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
लघु दंड का दोषी मानते हुए शहर के आलाधिकारियों को इंस्पेक्टर पर कार्रवाई करने की संस्तुति की है लेकिन अभी तक डीआईजी ने इंस्पेक्टर को चार्ज से नहीं हटाया है। एसआईटी की जांच में बजरिया इंस्पेक्टर समेत 37 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। एक महीने पहले एसआईटी ने इन सभी पर कार्रवाई करने के लिए शहर पुलिस के आलाधिकारियों को दस्तावेज भेजे थे मगर अभी तक एक भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं की गई है। जांच जारी होने का हवाला दे कार्रवाई में देरी की जा रही है।
एसआईटी ने जिसको भी दोषी ठहराया है, उन सभी पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में डीआईजी को निर्देशित कर दिया गया है। जल्द दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
जय नारायण सिंह, एडीजी जोन, कानपुर