हरदोई में संडीला बांगरमऊ मार्ग पर ट्रक की टक्कर लगने के बाद चालक और एक सवारी के शव ऑटो में ही फंस गए। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मशक्कत कर दोनों के शव बाहर निकलवाए। इतना ही नहीं कई शव सड़क पर भी बिखरे पड़े थे। इन शवों को पुलिस कर्मियों ने फौरन ही उधर से गुजर रहे एक पिकअप को रोककर उसमें रखवाया। इसके बद इन्हें मोर्चरी भेजा गया।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के बाजारखेड़ा निवासी रंजीत ऑटो चला रहा था। मलहनखेड़ा निवासी अरविंद भी रंजीत के पास ही बैठा था। चावल लदे ट्रक की टक्कर लगने पर ऑटो पलट गया।
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हादसे में क्षतिग्रस्त ऑटो
- फोटो : संवाद
पलटने के दौरान इसमें सवार पिंकी, फूलजहां, अंकित सड़क पर जा गिरे। मौके पर ही इनकी की भी मौत हो गई। इनके शव सड़क पर बिखरे पड़े थे। रंजीत और अरविंद ऑटो का अगला हिस्सा बिल्कुल पिचक जाने से इसमें ही दब गए। राहगीरों ने फौरन ही दोनों को निकालने की कोशिश की शुरू की, लेकिन लगभग दस मिनट बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों को ऑटो से निकालने की कोशिश में एक सिपाही के हाथ में भी चोट लग गई।
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अंकित की फाइल फोटो
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सड़क पर मिले दोनों पैर अंकित के थे
कछौना कोतवाली क्षेत्र के बहदिन निवासी अंकित (20) के हादसे के दौरान दोनों पैर कट गए। इसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर लगने से कटे उसके दोनों पैर सड़क पर बिखरे नजर आए। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दोनों पैर शव के साथ ही रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
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हादसे में क्षतिग्रस्त ऑटो
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खून के छीटें पड़ रहे थे तो डालनी पड़ी मिट्टी
घटना के बाद सड़क पर खून ही खून फैला नजर आ रहा था। राहत कार्यों के लिए पहुंच रहे वाहनों के पहिये खून पर पड़ रहे थे तो खून की छीटें आसपास खड़े लोगों पर पड़ रही थीं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर खून पर मिट्टी डालना शुरू की। काफी देर तक मिट्टी डालने के बाद खून दिखना बंद हुआ और तभी वाहनों को आवागमन की छूट भी दी गई।
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मौके पर खड़े वाहन
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पोस्टमार्टम के बाद छह एंबुलेंस से भेजे गए सात शव
संडीला कोतवाल विजय कुमार ने बताया कि घटना के बाद शवों का पोस्टमार्टम संडीला सीएचसी में कराया गया। इसके बाद एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था कर शवों को उनके परिजनों के साथ भेज दिया गया। घटना में मृत मां बेटे के शव एक साथ एक एंबुलेंस से ही भेजे गए। बाकी सभी के लिए अलग-अलग एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।