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Happy Birthday kanpur: नाम के फेर से ही अंग्रेजों को छका डाला, मैं हूं शहर भौकाल वाला...
Wed, 24 Mar 2021 12:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 24 Mar 2021 12:56 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मैं कानपुर हूं... विकास दुबे वाला नहीं। मैंने एक से एक बढ़कर लाल जने, जिन्होंने मेरा नाम रोशन किया, न सिर्फ देश, परदेस में भी दूर-दूर तक। और मेरी पहचान उन्हीं से है, किसी गुंडे-मवाली से नहीं। इस सीरीज में आपको पता चलता रहेगा कि किनके नाम से मेरा नाम है।
कानपुर सेंट्रल
- फोटो : अमर उजाला
जरा अलग मिजाज का शहर है यह, सलीके से मिलो, तो सलीके से मिलेंगे, वरना अलग तरीके से मिलेंगे। तो भाई जी, बात यह है कि यह शहर है क्रांति का, अंग्रेजों को तो इस शहर ने नाम की वर्तनी में ही 19 बार झुलाया। समझ ही नहीं पाए कि आखिर नाम कैसे पुकारें।
अंग्रेज 19 बार खुपड़िहाव करते रहे और नाम बदलते रहे। आजादी के बाद मगजमारी बंद हुई और तय हुआ कि अब कानपुर नाम ही रख दिया जाए। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि सचेंडी के राजा हिंदू सिंह ने कानपुर बसाया, तो कुछ कान्हदेव को ही कानपुर का जन्मदाता मानते हैं।
अंग्रेज 19 बार खुपड़िहाव करते रहे और नाम बदलते रहे। आजादी के बाद मगजमारी बंद हुई और तय हुआ कि अब कानपुर नाम ही रख दिया जाए। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि सचेंडी के राजा हिंदू सिंह ने कानपुर बसाया, तो कुछ कान्हदेव को ही कानपुर का जन्मदाता मानते हैं।
कारगिल पार्क में की गई सजावट
- फोटो : अमर उजाला
खैर, वर्ष-1803 में अंग्रेजों ने कानपुर को जिला घोषित किया था, तब भी वे नाम की वर्तनी तय नहीं कर पाए थे। इसके पहले अवध के नवाब शुजाउद्दौला के यहां तैनात रेजीडेंट गैब्रियल हार्पर ने वर्ष-1770 में एक पत्र लिखा था, जिसमें इस शहर की वर्तनी थी CAWNPOOR, फिर चल पड़ा नामबदली का सिलसिला 19 बार, तो गुरु यह है कहानी कानपुर के नाम की।
इतने नाम
CAWNPOOR– 1770, गेव्रियल हार्पर
CAUNPOUR– 1776, जेम्स रेनेल
CAUNPORE– 1785, जेम्स फार्वेस
CAWNPOUR– 1788, जेम्स रेनेल
KAWNPORE– 1790, फोर्ट विलियम पत्राचार
CAWNPORE– 1788, थॉमस टिवनिंग (सर्वाधिक स्वीकृत वर्तनी, 1857 की क्रांति के बाद से
1948 तक)
इतने नाम
CAWNPOOR– 1770, गेव्रियल हार्पर
CAUNPOUR– 1776, जेम्स रेनेल
CAUNPORE– 1785, जेम्स फार्वेस
CAWNPOUR– 1788, जेम्स रेनेल
KAWNPORE– 1790, फोर्ट विलियम पत्राचार
CAWNPORE– 1788, थॉमस टिवनिंग (सर्वाधिक स्वीकृत वर्तनी, 1857 की क्रांति के बाद से
1948 तक)
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20 बार बदली कानपुर की स्पेलिंग
- फोटो : अमर उजाला
CAWNPOR– 1795, फोर्ट विलियम पत्राचार
CAWNPOR– 1798, फोर्ट विलियम पत्राचार
KAUNPOOR– 1798, नक्शा तथा फोर्ट विलियम पत्राचार
KHANPORE– श्रीमती डियेन सैनिक अधिकारी की पत्नी
KHANPURA– वाटर हेमिल्टन, ईस्ट इंडिया गजेटियर
KHANPORE– फारेस्ट एक अंग्रेज यात्री
CAUNPOOR– 1815, ईस्ट इंडिया गजेटियर
KHANPOOR– 1825, भारत का नक्शा
KANHPUR– 1857 नामक चंद की डायरी, मांटगोमरी मिलेसन
CAWNPOUR– 1857, क्रांति के बाद प्रकाशित एक पोस्ट कार्ड 1881 में
CAAWNPORE– 1879, मारिया मिलमेन ऑफ इंडिया
CAWNPOR– इनसाइक्लोपीडिया ऑफ अमेरिका
COWNPOUR– इनसाइक्लोपीडिया ऑफ अमेरिका
KANPUR– 1948, वर्तमान।
CAWNPOR– 1798, फोर्ट विलियम पत्राचार
KAUNPOOR– 1798, नक्शा तथा फोर्ट विलियम पत्राचार
KHANPORE– श्रीमती डियेन सैनिक अधिकारी की पत्नी
KHANPURA– वाटर हेमिल्टन, ईस्ट इंडिया गजेटियर
KHANPORE– फारेस्ट एक अंग्रेज यात्री
CAUNPOOR– 1815, ईस्ट इंडिया गजेटियर
KHANPOOR– 1825, भारत का नक्शा
KANHPUR– 1857 नामक चंद की डायरी, मांटगोमरी मिलेसन
CAWNPOUR– 1857, क्रांति के बाद प्रकाशित एक पोस्ट कार्ड 1881 में
CAAWNPORE– 1879, मारिया मिलमेन ऑफ इंडिया
CAWNPOR– इनसाइक्लोपीडिया ऑफ अमेरिका
COWNPOUR– इनसाइक्लोपीडिया ऑफ अमेरिका
KANPUR– 1948, वर्तमान।
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माल रोड स्थित नरोना चौराहे का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
ये भी रहे नाम
कान्हपुर, कर्णपुर, कन्हैयापुर
नाम दूर-दूर तक
हम सबके प्यारे कानपुर का नाम दूर-दूर तक है। चाहे वह स्वतंत्रता समर हो या कारोबार की दुनिया, कलमकारी हो या कलाकारी। इस मिट्टी में पैदा ही होते हैं भौकाली, तो हम रोज बताएंगे अपने एक भौकाल के बारे में।
कान्हपुर, कर्णपुर, कन्हैयापुर
नाम दूर-दूर तक
हम सबके प्यारे कानपुर का नाम दूर-दूर तक है। चाहे वह स्वतंत्रता समर हो या कारोबार की दुनिया, कलमकारी हो या कलाकारी। इस मिट्टी में पैदा ही होते हैं भौकाली, तो हम रोज बताएंगे अपने एक भौकाल के बारे में।