चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती इस वर्ष 31 मार्च को मनाई जाएगी। हनुमान शौर्य का प्रतीक माने जाते हैं। हनुमान भक्तों को हनुमान जयंती व्रत के एक दिन पूर्व ही शाम को भोजन का त्याग कर देना चाहिए। पूर्ण ब्रहचर्य का पालन करते हुए प्रभु श्रीराम, हनुमान नाम का जप करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य डॉ. नरेंद्र दीक्षित बता रहे हैं पूजन विधि के बारे में...
भगवान शिव के अवतार हैं हनुमान
प्रभु हनुमान भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार हैं। आज भी जहां रामचरितमानस का पाठ होता हैं वहां प्रभु हनुमान किसी न किसी रूप में अवश्य मौजूद होते हैं।
पूजन का शुभ मुहूर्त
हनुमान जयंती इस वर्ष 30 मार्च को शाम 7 बजकर 35 मिनट से 31 मार्च को शाम 6 बजे तक है। उदया तिथि होने के कारण 31 मार्च को ही यह पर्व मनाया जाएगा। शाम 6 बजे तक पूजन किया जाना शुभ है।
विशेष फलदायी है पूर्णिमा की रात्रि पूजन
31 मार्च की रात्रि को हनुमान पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। माना जाता है कि पूर्णिमा की रात्रि में ही हनुमान जी का जन्म हुआ था।
ये करें उपाय
- विधि-विधान से पूजन करने के साथ ही हनुमान जी को गुलाब की माला चढ़ाएं। इससे भक्तों को प्रभु की कृपा प्राप्त होगी।
- पूजन करते समय चोला चढ़ाने से हर मनोकामना पूर्ण होगी।
- पीपल के 11 पत्तों पर श्रीराम लिख कर प्रभु को अर्पित करने से आर्थिक रूप से परेशान लोगों को फायदा मिलेगा।