{"_id":"5e2be62e8ebc3e4b0a7f3d66","slug":"gsvm-mbbs-girl-student-committed-suicide-in-kanpur","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एमबीबीएस छात्रा अमृता ने तीन बार पहले भी खुदकुशी करने की सोची थी, सुसाइड नोट में किया इसका जिक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमबीबीएस छात्रा अमृता ने तीन बार पहले भी खुदकुशी करने की सोची थी, सुसाइड नोट में किया इसका जिक्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 25 Jan 2020 09:25 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
अमृता सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अमृता ने स्कूल के दौर में भी तीन बार खुदकुशी करने की सोची थी। पर, उस वक्त उसकी हिम्मत नहीं पड़ी थी। इस बात का जिक्र सुसाइड नोट में किया है। तब अमृता ने इस बारे में परिजनों या अन्य किसी को भी नहीं बताया था।
2 of 5
एमबीबीएस छात्रा की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि सुसाइड नोट में अमृता ने लिखा है कि जब वह सातवीं कक्षा में थी तो जीके की मौखिक परीक्षा हुई। इस दौरान वह खुद को बहुत डरा व तनाव में महसूस कर रही थी। उसने खुदकुशी करने की सोची थी। फिर जब वह दसवीं कक्षा में पहुंची तो सोशल साइंस विषय की तैयारी बेहतर नहीं थी।
3 of 5
अमृता सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान वहां एक शिक्षक ने उसको पढ़ाई में काफी मदद की। जिससे उसकी परीक्षा बेहतर हुई। जिसके बाद उसने खुदकुशी नहीं की। 12वीं कक्षा की बारी आई तो अमृता को लग रहा था कि उसका फिजिक्स विषय तैयार नहीं है। अगर वह उसमें फेल हो जाएगी तो खुदकुशी कर लेगी। मगर जब परिणाम आया तो वह पास हो गई थी। इसलिए उसने खुदकुशी नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
एमबीबीएस छात्रा की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला
अगला जन्म होगा भी या नहीं...
एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जब भी अमृता परेशान रहती थी तो उसकी रूम पार्टनर उसको समझाने का प्रयास करती थी। वह कुछ देर तक ठीक रहती थी लेकिन बाद में वह फिर तनाव में आ जाती थी।
विज्ञापन
5 of 5
मौके पर मौजूद मेडिकल छात्र व पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अमृता ने मम्मी-पापा के लिए सुसाइड नोट में लिखा है कि किस्मत अभी भी नहीं है, पर किस्मत रहने भी नहीं देती है। अगला जन्म होगा भी या नहीं। अगले जन्म में आप जैसे माता-पिता व परिवार मिलेगा भी या नहीं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।