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दलाई लामा की ये बातें आपकी सोच ही नहीं जीवन बदल देंगी, 'दुख' 'क्रोध' और 'चिंता' से मिलेगी मुक्ति

Mon, 03 Dec 2018 08:41 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 03 Dec 2018 08:41 AM IST
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Grief and anxieties will get rid of by knowing Dalai Lama's thought
दलाई लामा - फोटो : Dalai Lama (Facebook page)
बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा ने यूपी के फर्रुखाबाद जिले में विश्वशांति का संदेश देते हुए कहा कि क्रोध छोड़ दें तो अहिंसा के पथ पर चल पाएंगे। इसलिए आपस में सभी लोग मिलकर रहें। दलाई लामा ने ये बातें होटल इंपैक में कही। 


आगे की स्लाइड में पढ़िए दलाई लामा की वो बातें जो आपके जीवन में चमत्कारी परिवर्तन ला सकती हैं...
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दलाई लामा - फोटो : अमर उजाला
रविवार को दलाई लामा मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी 11.20 बजे उतरे। डीएम मोनिका रानी और एसपी संतोष मिश्र ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। सड़क मार्ग से होटल इंपैक के अंदर दलाई लामा ने करीब 12 बजे प्रवेश किया। यहां पीले वस्त्र में खड़े वालंटियर्स ने दलाई लामा का स्वागत किया। दलाई लामा वालंटियर्स से मिले और उनके हालचाल लिए।
Grief and anxieties will get rid of by knowing Dalai Lama's thought
दलाई लामा - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उन्होंने विश्वशांति का संदेश देते हुए कहा कि बौद्ध परंपरा में शिक्षित होने के कारण मैं मानता हूं कि प्रेम और करुणा ही विश्वशांति का नैतिक ताना-बाना है। करुणा का अर्थ समझाते हुए दलाई लामा ने कहा कि जब किसी निर्धन व्यक्ति के लिए आपके अंदर करुणा और दया होती है तो आप इसलिए दया दिखाते हैं, क्योंकि वह निर्धन है।
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दलाई लामा - फोटो : अमर उजाला
बौद्ध धर्मगुरु ने कहा कि आपकी करुणा परोपकार की प्रेरणा की भावना पर आधारित होती है। कोई धर्म में विश्वास करता हो या नहीं लेकिन ऐसा कोई नहीं है जो करुणा और प्रेम को न सराहता हो।
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दलाई लामा - फोटो : अमर उजाला
दलाई लामा ने कहा कि यदि सभी धर्म मानवीयता को और अच्छा करने को अपना मुख्य चिंतन बना लें तो वे विश्व शांति के लिए सरलता और सद्भाव से कार्य कर सकते हैं। विश्व को सभी धर्मों की आवश्यकता है। यदि हमारे चित्त पर क्रोध हावी रहा है तो हम उचित और अनुचित के बीच अंतर करने की क्षमता खो देंगे।
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