इटावा जिले के ताखा कोतवाली क्षेत्र में जिस इकलौते बेटे को अपनी बुढ़ापे की लाठी समझकर लाड़ और प्यार से पाला उसी ने साहब अपनी उम्र पर आते ही घर में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। शराब का नशा उसे और पूरे परिवार के लिए दुख का कारण बन चुका था।
'...तो मैं पास नहीं रहूंगा': पोते-पोतियों को बचाने के लिए दादा ने उठाई कुल्हाड़ी, फिर अपने बेटे को ही काट डाला
शराब के पैसे न देने पर की मारपीट
इससे वह नाराज होकर अपनी बेटी के घर चली गई। सोमवार शाम भी इसने शराब के लिए मुझसे और बहू से रुपये मांगने शुरू कर दिए। बहू ने मना किया तो उसके साथ मारपीट करने के बाद कुल्हाड़ी लेकर बैठ गया और पौत्र-पौत्री का जान से मार देने की धमकी देने लगा।
रात साढ़े तीन बजे मचा रहा था उत्पात
मंगलवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे राहुल कुमार उर्फ दर्शन सिंह (30) नशे में धुत्त होकर घर में उत्पात मचा रहा था। उसने शराब के लिए रुपये न मिलने पर अपने बच्चों पर ही कुल्हाड़ी से हमला करके मारने का प्रयास किया। यह देखकर पिता लक्ष्मीनाराण आपा खो बैठे और उन्होंने कुल्हाड़ी छीनकर बेटे की ही गर्दन पर हमला कर दिया।
कुल्हाड़ी से गेट और दीवार तोड़ने का प्रयास
मेरे बीच में बोलने पर गालियां देने लगा। यह देखकर बहू रानी देवी ने तीनों बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। पूरी रात वह उत्पात मचाता रहा। करीब तीन बजे कमरे के अंदर बंद बच्चों को मारने के प्रयास के लिए वह दीवार तोड़ने लगा। बच्चों को खतरे में देखकर आपा खो दिया और कुल्हाड़ी से खुद मार डाला।
बाबा को गिरफ्तार होते ही बिलखने लगे पौत्र-पौत्री
लक्ष्मीनारयाण की गिरफ्तारी की बात सुनकर पौत्री गुड़िया (10) , अनन्या (3) व एक पौत्र रितिक (5) बिलखने लगे। वह जमीन पर बैठे बाबा के पास जाकर लिपट गए और उन्हें पकड़कर कहने लगे हम तुम्हें कहीं नहीं जाने देंगे बाबा। अब हमें कौन देखेगा।