कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में दो दिवसीय कुलपति सम्मेलन का बुधवार को राज्यपाल राम नाईक ने शुभारंभ किया। देशभर के 27 कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के किसानों ने जमकर मेहनत की है। इसका असर यह है कि 70 साल पहले जिस खाद्यान्न का आयात भारत में किया जाता था, आज उसका दूसरे देशों में यहां से निर्यात किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि लोग किसानों को नासमझ समझते हैं लेकिन उन्हीं किसानों ने अपने खून-पसीने की मेहनत से खाद्यान्न का उत्पादन देश में बढ़ाया है। किसानों के कमाल के चलते ही हमारे देश का मान बढ़ा है।
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किसानों ने इस वजह से बढ़ाया अपने देश का मान, यहां राज्यपाल राम नाईक ने दी शुभकामनाएं
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 29 Aug 2018 08:48 PM IST
सार
- सीएसए में कृषि विश्वविद्यालयों के दो दिवसीय कुलपति सम्मेलन का आगाज
- कृषि मंत्री बोले, किसानों को आर्थिक फायदा दिलाने की है कोशिश
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सीएसए में कृषि विश्वविद्यालयों के दो दिवसीय कुलपति सम्मेलन का आगाज
कृषि मंत्री बोले, किसानों को आर्थिक फायदा दिलाने की है कोशिश
कृषि एवं कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सरकार की तमाम योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद कृषि के क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम हुआ है। इस वर्ष 58 लाख टन का उत्पादन और बढ़ जाएगा जिसमें अकेले 20 लाख टन खाद्यान्न का उत्पादन उत्तर प्रदेश से होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद कृषि के क्षेत्र में काफी सुधार आया है। किसानों के कर्ज को माफ किया गया। अब हमारी योजना है कि किसानों को आर्थिक फायदा दिलाया जाए ताकि उनकी आय बढ़ सके और वे उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा और पंजाब की बराबरी कर सकें। इस दौरान भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष एनसी पटेल, सीएसए के कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एके सिंह, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. मुनीश गंगवार, डॉ. वेद रत्न, डॉ. कृपाशंकर, डॉ. विजय कुमार यादव, डॉ. जीएस परिहार, डॉ. आशीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
राज्यपाल रामनाईक
- फोटो : डेमो
चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण
कुलपति सम्मेलन से पहले राज्यपाल राम नाईक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सीएसए के कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने विश्वविद्यालय परिसर के रावतपुर गेट की तरफ नवनिर्मित चंद्रशेखर आजाद की 50 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी भव्य प्रतिमा देखकर वह गदगद हो गए हैं। कहा कि आजाद युवाओं और देशवासियों के प्रेरणाश्रोत हैं।
कुलपति सम्मेलन से पहले राज्यपाल राम नाईक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सीएसए के कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने विश्वविद्यालय परिसर के रावतपुर गेट की तरफ नवनिर्मित चंद्रशेखर आजाद की 50 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी भव्य प्रतिमा देखकर वह गदगद हो गए हैं। कहा कि आजाद युवाओं और देशवासियों के प्रेरणाश्रोत हैं।
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राज्यपाल राम नाईक
- फोटो : amar ujala
किसानों की आय बढ़ाने में करें सहयोग
राज्यपाल राम नाईक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुलपतियों से कहा कि आप रिसर्च और तकनीक के क्षेत्र में ज्यादा जानते हैं। काफी काम भी कर रहे हैं इसलिए यह आप लोगों की जिम्मेदारी भी बनती है कि प्रधानमंत्री ने 2022 तक जो देश के किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य दिया है, उसे पूरा करने में सहयोग करें। आप लोग नई तकनीक और विधाओं को किसानों तक पहुंचाने में सरकार की मदद करें। उन्होंने जल संचयन, फसलों के अवशेषों को संरक्षित करने आदि को जरूरी बताया।
राज्यपाल राम नाईक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुलपतियों से कहा कि आप रिसर्च और तकनीक के क्षेत्र में ज्यादा जानते हैं। काफी काम भी कर रहे हैं इसलिए यह आप लोगों की जिम्मेदारी भी बनती है कि प्रधानमंत्री ने 2022 तक जो देश के किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य दिया है, उसे पूरा करने में सहयोग करें। आप लोग नई तकनीक और विधाओं को किसानों तक पहुंचाने में सरकार की मदद करें। उन्होंने जल संचयन, फसलों के अवशेषों को संरक्षित करने आदि को जरूरी बताया।
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राज्यपाल रामनाइक
- फोटो : अमर उजाला
तकनीक के साथ किसान फिर से करें परंपरागत खेती
कृषि मंत्री ने कहा कि उत्पादन के लिए रसायनों का काफी प्रयोग होता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए अब वैज्ञानिकों को देखना होगा कि कैसे बगैर रसायनों और पेस्टीसाइड के अच्छा उत्पादन किया जा सके। उन्होंने किसानों से कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेकर वे परंपरागत तरीके से खेती की ओर फिर से बढ़ें ताकि उत्पादन के साथ क्वालिटी भी अच्छी हो सके।
कृषि मंत्री ने कहा कि उत्पादन के लिए रसायनों का काफी प्रयोग होता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए अब वैज्ञानिकों को देखना होगा कि कैसे बगैर रसायनों और पेस्टीसाइड के अच्छा उत्पादन किया जा सके। उन्होंने किसानों से कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेकर वे परंपरागत तरीके से खेती की ओर फिर से बढ़ें ताकि उत्पादन के साथ क्वालिटी भी अच्छी हो सके।