कानपुर से चलने वाली तीन जोड़ी ट्रेनों को रेलवे ने एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच से लैस कर दिया है। 28 अक्तूबर से 31 अक्तूबर के बीच तीनों ट्रेनें एलएचबी हो जाएंगी। नए कोच लगने से इनमें रिजर्व सीटों का कोटा भी बढ़ेगा। नई बोगियों में स्लीपर की 40 बर्थ, थर्ड एसी की 32 बर्थ और सेकंड एसी की 8 बर्थ बढ़ गई हैं। ऐसे में इन ट्रेनों में रिजर्वेशन का कोटा फुल दिखा रहा था, अब इनमें बढ़ी सीटों पर रिजर्वेशन मिल जाएगा।
{"_id":"5bd33eecbdec2269351dbfd1","slug":"good-news-for-train-passengers-know-what-is-lhb","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दिवाली से पहले रेल यात्रियों के लिए तोहफा, 6 ट्रेन एलएचबी कोच से लैस, जानिए क्या हैं इसके फायदे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली से पहले रेल यात्रियों के लिए तोहफा, 6 ट्रेन एलएचबी कोच से लैस, जानिए क्या हैं इसके फायदे
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 27 Oct 2018 08:31 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेमो पिक
ये हैं ट्रेनें
ट्रेन नंबर 14151/15152 कानपुर - आनंद विहार टर्मिनल
ट्रेन नंबर 22445/46 कानपुर -अमृतसर
ट्रेन 22443/44 कानपुर- बांद्रा
ट्रेन नंबर 14151/15152 कानपुर - आनंद विहार टर्मिनल
ट्रेन नंबर 22445/46 कानपुर -अमृतसर
ट्रेन 22443/44 कानपुर- बांद्रा
डेमो पिक
इन ट्रेनों का रूट है अलग
यह ट्रेनें अपने मेन रूट से न जाकर दूसरे रूटों से चलती हैं। आनंद विहार की ट्रेन इटावा, टूंडला न जाकर फर्रुखाबाद, मैनपुरी होकर दिल्ली जाती है और बांद्रा (मुंबई) की ट्रेन झांसी न जाकर मथुरा-भरतपुर होकर मुंबई जाती है। अमृतसर की ट्रेन उन्नाव, सफीपुर, बरेली होकर चलती है।
यह ट्रेनें अपने मेन रूट से न जाकर दूसरे रूटों से चलती हैं। आनंद विहार की ट्रेन इटावा, टूंडला न जाकर फर्रुखाबाद, मैनपुरी होकर दिल्ली जाती है और बांद्रा (मुंबई) की ट्रेन झांसी न जाकर मथुरा-भरतपुर होकर मुंबई जाती है। अमृतसर की ट्रेन उन्नाव, सफीपुर, बरेली होकर चलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एलएचबी की खासियत ...
डेमो पिक
एलएचबी बोगियां स्टील और एल्युमीनियम की मिश्रित धातु से बनने से ज्यादा मजबूत होती हैं। सेंट्रल बफलर कपलर्स (सीबीसी) होने से यह शॉकप्रूफ होते हैं। हादसे पर यात्रियों को झटके नहीं लगते हैं और डिब्बे एक दूसरे पर नहीं चढ़ते हैं। एलएचबी बोगियों को 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों में लगाया जा सकता है। जबकि आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) बोगियों के लिए ट्रेनों की औसत स्पीड 80 से 90 किमी प्रति घंटा की है।