फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नगमा और आशिकाना की मौत से मातम में बदलीं दिवाली की खुशियां, हर आंख नम, सबके चेहरे मुरझाए

Tue, 06 Nov 2018 09:23 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 06 Nov 2018 09:23 AM IST
विज्ञापन
girls give ground in mound
टीले के पास एकत्र ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
यूपी के उरई-जालौन जिले में जाजेपुरा गांव में हिंदू-मुस्लिम मिलकर दिवाली और ईद की खुशियां एक साथ मनाते हैं। सभी अपने घरों की साफ सफाई करते हैं। यही वजह है कि सोमवार को घर लीपने के लिए परिजनों ने अपनी बच्चियों को मिट्टी खोदने के लिए भेजा था, क्या पता था कि अब नगमा और आशिकाना कभी जीवित घर लौट कर नहीं आएंगी। चचेरी बच्चियों की दर्दनाक मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। त्योहार की खुशियां भी उसी मातम में डूब गई। हर घर के महिला पुरुष की आंखें नम थीं और बच्चों के चेहरे मुरझाए हुए थे। नगमा और आशिकाना चचेरी बहनें थी। लिहाजा दोनों ही परिवारों में जहां रोजाना बच्चों का शोरगुल सुनाई देता था, वहां पूरे दिन चीख पुकार मची रही। दोनों बच्चियों ने अपने लिए पटाखे भी मंगाकर रखे थे, जिन्हें देखकर घर की महिलाएं बदहवास हो रही थीं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने सोचा भी न था कि त्योहार के दिन दर्दनाक हादसा हो जाएगा।   


 
girls give ground in mound
मलबे को हटाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
जाजेपुरा में बच्चियों के टीले में दबने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2016 में मिट्टी खोदते वक्त टीला धंसने से दो महिलाओं कमला और राजकुमारी की मौत पर भी गांव चीखों से गूंज उठा था। इसके बाद 2017 में तीन लड़कियां मिट्टी खोदते वक्त टीला ढहने से मलबे में दब गईं थीं। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं थीं।
girls give ground in mound
मौके पर मौजूद पुलिस  - फोटो : अमर उजाला
ग्राम प्रधान राजकुमार राठौर ने बताया कि कई बार गांव के लोगों को चेता चुके हैं कि इस तरह लापरवाही से मिट्टी की खुदाई न की जाए। इसके लिए कई बार मुनादी भी कराई जा चुकी है। फिर भी बच्चों के हाथों से मिट्टी की खुदाई कराने की लापरवाही की जा रही है।  
विज्ञापन
विज्ञापन
girls give ground in mound
थाने में बच्चियों के परिजन दादा युनूस  - फोटो : अमर उजाला
पूरे गांव में हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। पुलिस तो जेसीबी के साथ मौके पर पहुंच गई लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी देर शाम तक पीड़ित परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना था कि बच्चियों के परिजनों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
विज्ञापन
girls give ground in mound
रोता बिलखता पिता नादिर - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का कहना है कि एक तो प्रशासन अवैध मिट्टी खनन पर रोक नहीं लगा पा रहा है। उस पर जब कहीं कोई हादसा होता है तो अधिकारियों का मौके पर न पहुंचना और गलत है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed