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बसपा नेता हत्याकांड: फूलन देवी की मदद से गैंगस्टर बना था सपा नेता, दस्यु सुंदरी की हत्या के बाद बसपा में हुआ था शामिल
Mon, 22 Jun 2020 12:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 22 Jun 2020 12:50 PM IST
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मृतक बसपा नेता पिंटू सेंगर, फूलन देवी
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर जिस बसपा नेता की हत्या हुई वो राजनीति में कदम रखने से पहले गैंगस्टर हुआ करता था। राजनीति में उसे लाने का श्रेय उस समय सपा सरकार में सांसद रहीं फूलन देवी को जाता है। फूलदेवी ने गैंगस्टर पिंटू सेंगर के सिर पर हाथ रखा जिसके बाद उसके ऊपर किए जा रहे मुकदमों की रफ्तार थमी थी।
फूलन देवी, बसपा सुप्रीमो मायावती, बसपा नेता पिंटू सेंगर (मृतक)
- फोटो : amar ujala
जबतक फूलन जिंदा रहीं, वह सपा में रहे, उनकी हत्या के बाद पिंटू ने बसपा का दामन थाम लिया था। बसपा में रहते हुए जब पिंटू ने बसपा प्रमुख मायावती के लिए चांद पर जमीन खरीदने का ऐलान किया तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इसके बाद फिर उन्होंने पार्टी में वापसी कर ली थी।
बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पिंटू सेंगर को फूलन देवी का काफी करीबी माना जाता था। उनके जरिए पिंटू की सपा की राजनीति में हुई एंट्री हुई थी। वर्ष 1996 में फूलन पहली बार सांसद बनी तब से पिंटू के खिलाफ मुकदमों की रफ्तार भी थमी। 1996 के बाद केवल पांच मुकदमे दर्ज हुए और उनमें से तीन पुलिस कार्रवाई के मामले थे। फूलन देवी की हत्या के बाद पिंटू सेंगर ने बसपा का दामन थाम लिया था। पिंटू ने वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर कानपुर की कैंट सीट से किस्मत आजमाई मगर, हार गए।
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बसपा नेता की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हुई थी हत्या
- फोटो : अमर उजाला
बता दें शनिवार को चकेरी थाना क्षेत्र के जेके कॉलोनी आशियाना में जिस तरह दिनदहाड़े बेखौफ होकर नरेंद्र पर गालियां बरसाईं गईं, ठीक उसी तरह कुख्यात अपराधी शानू ओलंगा को भी सरेराह मौत के घाट उतारा गया था। इसमें भी एक लाल और दूसरी काले रंग की पल्सर का इस्तेमाल किया गया था। इत्मिनान से वारदात को अंजाम देकर बदमाश भागे थे।
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सीसीटीवी में कैद हुए बाइक सवार बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
आशंका है कि शानू की हत्या करने वाले शूटरों ने पिंटू को मारा है। फुटेज से उनका हुलिया भी मैच कर रहा है। शूटरों को मालूम था कि पंचायत कहां, कितने बजे से और किसके यहां है। इसलिए वे पिंटू के घर से ही पीछे लग गए और चंद्रेश के घर के बाहर उतरते ही पिंटू को भून दिया। इससे माना जा रहा है कि पंचायत से जुड़े किसी शख्स का भी हाथ हो सकता है जो सारी जानकारी लीक कर रहा था।