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आचमन के लायक भी नहीं बचा गंगा जल, सीएसजेएमयू के विशेषज्ञों की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

Fri, 03 May 2019 01:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 03 May 2019 01:47 PM IST
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Ganga most polluted in Kanpur
गंगा जल इतना प्रदूषित हो चुका है (फाइल फोटो)
गंगा बैराज के पास गंगा जल इतना प्रदूषित हो चुका है कि आचमन लायक भी नहीं है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ बायोसाइंस एंड बायोटेक्नोलॉजी (बीएसबीटी) के विशेषज्ञों की ताजा रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। 


 
Ganga most polluted in Kanpur
गंगा जल इतना प्रदूषित हो चुका है (फाइल फोटो)
बीएसबीटी के निदेशक डॉ. शाश्वत कटियार की अगुवाई में टीम ने 16 अप्रैल को गंगा के नौ घाटों से पानी के नमूने लिए थे। कन्नौज के मेहंदी घाट, नानामऊ, शिवराजपुर, बिठूर, गंगा बैराज, परमट, शुक्लागंज, जाजमऊ और वाजिदपुर से पानी का नमूना भरा। फिर इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट और हैवी मेटल की रिपोर्ट तैयार की है।

 
Ganga most polluted in Kanpur
गंगा जल इतना प्रदूषित हो चुका है (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
डॉ. कटियार ने बताया कि जाजमऊ और वाजिदपुर में गंगा जल अधिक प्रदूषित हो गया है। गंगा बैराज से थोड़ा आगे निकलने पर गंगा जल में हैवी मेटल्स जैसे क्रोमियम, आर्सेनिक, लेड, कैडमियम की मात्रा मानक से काफी अधिक है जबकि शरीर के लिए जरूरी तत्व जिंक की मात्रा मानक से बहुत कम बची है। 

 
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Ganga most polluted in Kanpur
गंगा जल इतना प्रदूषित हो चुका है (फाइल फोटो)
डॉ. शाश्वत ने बताया कि पीएच के जरिए पानी का खारापन देखा जाता है। डब्ल्यूएचओ के तय मानक के अनुसार इसकी मात्रा पानी में 6.5 से 8.5 होनी चाहिए लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक जाजमऊ में इसकी मात्रा 9.30 और वाजिदपुर में 9.70, परमट में 8.45, गंगा बैराज में 8.75, बिठूर में 9.60 पीएच है। डिजॉल्व ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा डब्ल्यूएचओ के मानक के अनुसार पांच से कम नहीं होनी चाहिए।

 
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Ganga most polluted in Kanpur
गंगा जल इतना प्रदूषित हो चुका है (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
रिपोर्ट के अनुसार बिठूर में इसकी मात्रा 7.85, गंगा बैराज में 7.44, परमट में 7.70, शुक्लागंज में 6.97 और जाजमऊ में 6.83 और वाजिदपुर में सबसे कम 5.98 है। कुंभ के दौरान इसकी मात्रा 11 से 12 हुआ करती थी। टोटल डिजॉल्स सॉलिड यानी टीडीएस की मात्रा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जाजमऊ में 171 और वाजिदपुर में 184 पीपीएम है, जबकि सामान्य रूप से यह 100 से कम होना चाहिए।

 
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