फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कानपुर में 22 जुलाई 1934 को बापू ने ऐसा क्या कर दिया कि लोगों की 'आंखों में आ गए आंसू'

Mon, 02 Oct 2017 01:18 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 02 Oct 2017 01:18 PM IST
विज्ञापन
gandhi jayanti special programe at kanpur
गांधी जयंती विशेष

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 148वीं जयंती पर केंद्र सरकार के प्रोत्साहन से भारत में गांधी जयंती को ‘स्वच्छता ही सेवा’ के रूप में मनाया जा रहा है। महात्मा गांधी ने स्वच्छता कार्यक्रम की शुरुआत 1934 में ही कर दी थी जब वह यूपी के सबसे बड़े औद्योगिक शहर कानपुर आए थे। इस शहर में उन्होंने मलिन बस्तियों का दौरा कर लोगों को गंदगी से दूर रहने की सलाह भी दी थी। इस दौरान बापू इतने मायूस हो गए कि उन्हें देखकर लोगों की आंखों में आंसू तक आ गए थे। 


आइये जानें 22 जुलाई, 1934 को आखिर हुआ क्या था...
 


 
gandhi jayanti special programe at kanpur
गांधी जयंती विशेष

 22 जुलाई, 1934 को महात्मा गांधी कानपुर में स्वच्छता एवं हरिजन सेवा के कार्यक्रम में आए थे। ग्वालटोली मलिन बस्ती में गंदगी देखकर वह इतना दुखी हो गए कि एक महिला से झाड़ू लेकर स्वयं सफाई में जुट गए। लोग स्तब्ध थे। कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए। इस तीन दिवसीय प्रवास के दौरान वह कई मलिन बस्तियों में गए और सफाई के प्रति जागरूक किया।

gandhi jayanti special programe at kanpur
गांधी जयंती विशेष

महात्मा गांधी अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव में कानपुर पहुंचे तो यहां की ग्वालटोली, मीरपुर, खटिकाना, सेटेलमेंट, फो‌र्ब्स कंपाउंड, लक्ष्मीपुरवा, हड्डी गोदाम सहित 30 मलिन बस्तियों में भी गए। यहां उन्होंने गंदगी साफ करने के लिए युवाओं का आह्लान किया। कानपुर शहर में प्रवास के दौरान 22 जुलाई, 1934 को परेड की जनसभा में उन्होंने गंदगी साफ करने में सवर्णो की हिचक का संदर्भ लेते हुए कहा कि आंदोलन का हमारा लक्ष्य सिर्फ चंदे से पूरा नहीं होता। ​यह तो दिलों, खास कर सवणरें के दिलों के पिघलने से प्राप्त होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
gandhi jayanti special programe at kanpur
गांधी जयंती विशेष

एक दिन बाद 24 जुलाई को क्वींस पार्क (अब सीएसए) में एसडी कॉलेज छात्रों व हरिजनों की संयुक्त सभा में उन्होंने कहा कि स्वच्छता सेवा का एक पवित्र कार्य है। गंदगी साफ करने वाले से उतना ही प्यार करें, जितना आप एक नर्स, डॉक्टर या मां से करते हैं। अगले दिन 25 जुलाई को ग्वालटोली में युवाओं से मुखातिब बापू ने कहा था कि यहां की गंदगी दुखी करने वाली है। उनको स्वच्छता के लिए आगे आना चाहिए।


 
विज्ञापन
gandhi jayanti special programe at kanpur
गांधी जयंती विशेष

मोहनदास करम चंद गांधी भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के अगुवा थे। सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतो पर चलकर उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इन सिद्धांतों ने पूरी दुनिया में लोगों को नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता आन्दोलन के लिये प्रेरित किया. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1944 में रंगून रेडियो से गांधी जी के नाम जारी प्रसारण में उन्हें ‘राष्ट्रपिता’ कहकर सम्बोधित किया था। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed