पूर्व मंत्री रामस्वरूप सिंह गौर के पौत्र नीरज सिंह और विनय अपने गुर्गो के साथ यूपी में अवैध शराब का सिंडीकेट चला रहे थे। सिंडीकेट का नेटवर्क कानपुर और देहात तक नहीं था। प्रदेश के कई जिलों में फैला था। सिंडीकेट को कोई शराब बनाने का केमिकल पहुंचा था तो कोई खाली बोतल, रैपर, होलोग्राम व अन्य सामान। नीरज और विनय सिंह एक दिन में 150 पेटी शराब तैयार करके सरकारी ठेकों में आपूर्ति करते थे। एक पेटी में उन लोगों को एक हजार रुपया का मुनाफा होता था यानि 45 लाख रुपये महीने का। पुलिस को दोनों भाइयों का पूरा नेटवक पता चल रहा है। अब अवैध शराब माफियाओं का नेटवर्क करने की तैयारी में अफसर जुट गए हैं।
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