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तेज धमाकों के साथ लगी आग, केेमिकल ड्रम और गैस सिलिंडर फटने से मच गया कोहराम, करोड़ों का नुकसान
Tue, 18 Jun 2019 08:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 18 Jun 2019 08:49 PM IST
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पांच फैक्ट्रियों में आग, डेढ़ करोड़ का नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार देर रात एक परिसर में चल रहीं पांच फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई। धमाके के साथ केेमिकल ड्रम और गैस सिलिंडर फटने दीवारों में दरारें पड़ गई और टिनशेड के साथ खुले में लगी लिफ्ट भी ढह गई।
पांच फैक्ट्रियों में आग से मचा हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
दहशत के चलते आस-पड़ोस की फैक्ट्रियों के मजदूर भी काम छोड़कर सड़क पर आ गए। सूचना पर दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। 10 घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। फायर अफसरों का कहना है कि प्रथमदृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। कोई जनहानि नहीं हुई है।
आग से मचा हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
जूही बारादेवी निवासी आनंद माहेश्वरी की दादानगर बी ब्लॉक में दो मंजिला फैक्ट्री हैं। इसमें किराए पर ग्राउंड फ्लोर में बर्रा-7 के वीरेंद्र प्रताप सिंह की मिठाई का डिब्बा बनाने और रजनी माहेश्वरी की इंक फैक्ट्री हैं। पहली मंजिल में जूते का ऊपरी हिस्सा बनाने वाले काकादेव के दिनेश भसीन और कचरी का कारोबारी बारादेवी निवासी रोहित और उसके पार्टनर गोले की फैक्ट्री है।
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आग बुझाते फायर ब्रिगेड कर्मी
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दूसरी मंजिल में चूरन कारोबारी नवघड़ा निवासी दीपू अवस्थी की फैक्ट्री और केयरटेकर मूलरूप से मूसा नगर निवासी वीरेंद्र सिंह का परिवार रहता है। वीरेंद्र सोमवार रात तीन बेटों रिंकू, मोहित और राजा, बहू रेखा और पौत्रे कृष्णा व पौत्री पहल के साथ छत पर सोए थे। मिठाई का डिब्बा बनाने वाली और कचरी फैक्ट्री में करीब 12 मजदूर काम कर रहे थे।
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आग बुझाते पुलिस कर्मी, दस घंटे लगी रही आग
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देर रात करीब 2:15 बजे डिब्बा फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर रिंकू पेशाब के लिए निकला तो पीछे की तरफ इंक फैक्ट्री से लपटें उठ रही थीं। उसके शोर मचाते ही फैक्ट्री में मौजूद मजदूर और केयरटेकर परिवार समेत निकलकर सड़क पर आ गया। इसके बाद वीरेंद्र ने एक-एक करके सभी फैक्ट्री मालिकों और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।