फतेहपुर के हथगाम थाना इलाके में हुए तिहरे हत्याकांड में फरार ज्ञान सिंह उर्फ विपुल सिंह भदौरिया को पुलिस ने गुरुवार सुबह बसंतपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से हत्याकांड में प्रयुक्त तमंचा व दो कारतूस, व दो खोखे बरामद किए गए हैं। ज्ञान की बहन मुकुन को पुलिस ने दबाव बनाने के लिए बुधवार को पकड़ा था। इसके बाद उसकी गिरफ्तार हुई है। पुलिस ने ज्ञान को जेल भेज दिया है। अब मामले में नामजद विवेक पासवान बचा है। बताया जा रहा है कि तहिरापुर गांव का विवेक मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह के काफी नजदीकी हैं। वह मुन्नू सिंह के लिए हर काम करता था। वह सात भाई हैं।
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दरवाजे पर बैठे गमगीन परिजन व अन्य
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घटनास्थल पर थानाध्यक्ष निकेत भरद्वाज शाम करीब चार बजे पहुंचे। घटनास्थल का नक्शा तैयार किया। प्रत्यक्षदर्शी डेयरी संचालक किशोर व अन्य गांव वालों से पूछताछ कर विवेचना के क्रम को बढ़ाया है। गांव में पुलिस व पीएसी बल तैनात है। पीड़ित व आरोपियों के घरों के बाहर फोर्स सुरक्षा को लेकर भी अलर्ट रहा। खेत पर गेहूं कटाई में ग्रामीण जुटे रहे। हालांकि गांव का माहौल तनावपूर्ण है। थानाध्यक्ष निकेत भरद्वाज ने बताया कि फरार विवेक की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे भी पकड़ा जाएगा।
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आरोपी ज्ञान सिंह
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भाई के तिलक में आया था ज्ञान सिंह
ज्ञान बाहर रहता है। उसकी भांजी साक्षी हाथ जोड़कर पीड़ित परिवार के घर बुधवार को माफी मांगने पहुंची थी। वह बोली थी मामा ज्ञान बेकसूर हैं। बताया जा रहा है कि ज्ञान सिंह पांच अप्रैल को अपने भाई के तिलक समारोह में आया था। चर्चा रही कि उसे गांवदारी की रंजिश में फंसाया गया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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मुन्नू के लहूलुहान होने के बाद फायरिंग
उधर, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुन्नू सिंह के घर पर 14 अप्रैल को बरमभोज का आयोजन होना था। आयोजन के लिए ट्रैक्टर में चक्की से आटे की बोरियां उठाने मुन्नू सिंह का पुत्र पीयूष जा रहा था। इसी दौरान पप्पू सिंह दरवाजे पर खड़ा था। उसे घूरकर देखने के बाद गाली गलौज कर पीयूष ने ट्रैक्टर बढ़ा दिया। पप्पू ने पैदल ही लाठी लेकर पीछा किया। ट्रैक्टर घूरकर देखने के बाद गाली गलौज फिर हो गई घटना रुकवा लिया। इस दौरान पीयूष के फोन पर मुन्नू सिंह समेत अन्य पहुंचे। इधर, पप्पू का पुत्र अभय बाइक व भाई अनूप पैदल दौड़कर पहुंचे। मारपीट के दौरान मुन्नू सिंह के सिर पर लाठी से हमला हुआ। हमले में मुन्नू सिंह घायल होकर गिर पड़ा। उसके गिरते ही पप्पू सिंह पक्ष पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई।
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Fatehpur Triple Murder
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अवैध कमाई की जांच की धमकी अखरती थी
अखरी गांव की प्रधानी के 20 साल का कार्यकाल मुन्नू सिंह के हाथों में रहा। कार्यकाल में मुन्नू सिंह ने क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया। आरोप है कि विकास कार्यों के रुपये की हेराफेरी कर खुद की संपत्ति तैयार की। पप्पू सिंह अपनी मां रामदुलारी के प्रधान बनने के बाद अक्सर मुन्नू सिंह के 20 साल के कार्यकाल में कराए विकास कार्यों की जांच कराने की धमकी देता था। यह बात मुन्नू सिंह को अखरती रहती थी।