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हे राम! खजाने के लालच में मंदिर से हटाई राम-जानकी की मूर्ति, परिसर को खोदकर बना डाला खंडहर
Sun, 04 Oct 2020 06:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Oct 2020 06:00 PM IST
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खजाने के लालच में मंदिर परिसर को बनाया खंडहर
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव जिले के गांव कन्हऊ में खजाने के लालच में मंदिर परिसर खोदकर खंडहर बना दिया गया। एक महीने पहले मंदिर से बीस मीटर दूर मिनी सचिवालय निर्माण के लिए नींव की खुदाई के दौरान मिट्टी के बर्तन में 17 चांदी व तांबे के सिक्के निकले थे।
खजाने के लालच में मंदिर परिसर को बनाया खंडहर
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम ने मंदिर संरक्षक की गिरफ्तारी के साथ मामले की जांच के आदेश थाना प्रभारी को दिए हैं। गांव कन्हऊ से पांच सौ मीटर दूर राम लक्ष्मण के जर्जर मंदिर के समीप बीस मीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत की ओर से मिनी सचिवालय का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।
एक महीने पहले नींव खुदाई के दौरान सन 1862 के चांदी के 17 व तांबे के 287 सिक्के मिले थे। गौरियाकला निवासी मंदिर संरक्षक पप्पू सिंह को सिक्के मिलने का पता लगने पर उसने खजाने के लालच में मंदिर परिसर की खुदाई की योजना बनानी शुरू कर दी थी।
एक महीने पहले नींव खुदाई के दौरान सन 1862 के चांदी के 17 व तांबे के 287 सिक्के मिले थे। गौरियाकला निवासी मंदिर संरक्षक पप्पू सिंह को सिक्के मिलने का पता लगने पर उसने खजाने के लालच में मंदिर परिसर की खुदाई की योजना बनानी शुरू कर दी थी।
खजाने के लालच में मंदिर परिसर को बनाया खंडहर
- फोटो : अमर उजाला
उसी दिन मंदिर में रखी राम, लक्ष्मण व सीता की मूर्ति को वहां से हटाकर गौरियाकला गांव में बने दूसरे धार्मिक स्थल में रखवा दिया था। शुक्रवार रात अंधेरा होते ही उसने जेसीबी से मंदिर परिसर की खुदाई शुरू कराई।
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खजाने के लालच में मंदिर परिसर को बनाया खंडहर
- फोटो : अमर उजाला
दीवारों को गिरवाने के साथ मंदिर को भी खंडहर में तब्दील कर दिया। गांव वालों को इसकी जानकारी हुई तो एसडीएम राजेंद्र कुमार व पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से भाग निकला। ग्रामीणों ने बताया कि ठाकुर नेत्तर सिंह ने इस मंदिर का निर्माण कराया था।
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खजाने के लालच में मंदिर परिसर को बनाया खंडहर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के रखरखाव के लिए तीन बीघा जमीन भी सुरक्षित की गई थी। उनके कोई संतान न होने से गौरिया निवासी पप्पू सिंह को मंदिर के देखरेख की जिम्मेदारी दी थी। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि मंदिर में खुदाई कराने वाले संरक्षक को पकड़ने के साथ पूछताछ के आदेश सफीपुर कोतवाल को दिए गए हैं। पूछताछ में हकीकत सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।