सड़क के बीच पड़ने वाले स्पीड ब्रेकर से बिजली उत्पन्न की जा सकती है। कानपुर स्थित डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) के छात्रों ने यह कारनामा कर दिखाया है। इंस्टीट्यूट के केमिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने शुक्रवार से संस्थान में शुरू हुए तीन दिवसीय टेक्निकल, कल्चरल और स्पोर्ट्स फेस्टिवल ‘शंखनाद-19’ में इस मॉडल का प्रदर्शन किया।
अनोखा आइडिया: आलू से बनाया पॉलिथीन, स्पीड ब्रेकर से उत्पन्न होगी बिजली, यह भी है खास
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आलू से बनाया पॉलिथीन
एआईटीएच बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के छात्र हर्षित सिंह, रजत प्रताप सिंह व हेमंत कुशवाहा ने आलू से बॉयोप्लास्टिक (पॉलिथीन) बनाया। हर्षित ने बताया कि इसके प्रयोग से प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या को कम किया जा सकता है। अगर सरकार विचार करे तो यह पॉलीथीन का बड़ा विकल्प बन सकती है। इसकी खासियत है कि यह पॉलिथीन मिट्टी में आसानी से गल सकता है। छात्रों ने यह बॉयोप्लास्टिक प्रो. मनीष सिंह राजपूत और इकरा बख्तियार के निर्देशन में बनाई है। इसमें छात्रा जूही, गीतांजलि, प्रभात, धातरी ने भी मदद की है।
इनोवेशन से मिलती है पहचान
फेस्टिवल का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि और आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर एस कामले ने छात्रों को ज्यादा से ज्यादा इनोवेशन करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि इनोवेशन से ही पहचान मिलती है। पढ़ाई हर छात्र करता है और डिग्री लेने के बाद नौकरी कर लाखों रुपए भी कमाता है। मगर जाना वही जाता है, जो पढ़ाई के साथ इनोवेशन करता है और कंपनी बनाकर दूसरों को नौकरी देता है। उन्होंने दिव्यांग छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कमजोरी को भूल अपनी ताकत को पहचानो और उसे सही दिशा प्रदान करो। संस्थान की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने कहा कि हर छात्र में एक प्रतिभा छिपी होती है। इसलिए तकनीकी के साथ साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिता भी कराई जा रही है।
इन प्रतियोगिताओं में दिखाया हुनर
लैब्स ऑफ लाइफ, माइक्रो फ्लोरा आर्ट, रोबो वार, चेम-ई-कार, यूथ ऑफ पार्लियामेंट आदि प्रतियोगिता में संस्थान के अलावा एचबीटीयू, यूपीटीटीआई, केआईटी, एक्सिस कॉलेज, यूआईईटी के छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीनाथ द्विवेदी, कपिल कुमार पांडेय, डॉ. अनुज श्रीवास्तव ने किया। मनीष सिंह राजपूत, ओमहरी, रोहित शर्मा, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. ममता शर्मा, उत्कर्ष, शिवेंद्र, शिवांश, तुषार आदि मौजूद रहे।
छात्र की उपस्थिति लगते ही जल जाएंगी कक्षा की लाइटें
कक्षा में प्रवेश करते ही छात्र की उपस्थिति दर्ज हो जाएगी। कक्षा में सबसे पहले छात्र के प्रवेश करते ही सभी लाइटें भी जल जाएंगी। यह विशेष डिवाइस तैयार की है बीटेक के छात्रों ने। एआईटीएच के छात्र संदीप कुमार, रिषभ कशयार, परवेज आलम, गोविंद कुमार और सचिन वर्मा ने आरएफआईडी बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम तैयार किया है। इसमें एलईडी, सेंसर, ब्लूटूथ, अर्डिनो का प्रयोग किया गया है। इसके जरिए छात्रों की उपस्थिति और अनुपस्थिति के बारे में पूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
मिग-21, ब्रह्मोस, आईएनएस विक्रांत का भी प्रदर्शन
शंखनाद में संस्थान के अलग-अलग पाठ्यक्रम के छात्रों ने सेना से जुड़े अनेक तरह के मॉडल बनाए। छात्रों ने मिग-21, मंगलयान, अर्जुन टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल और आईएनएस विक्रांत का मॉडल प्रदर्शित किया।
प्रतियोगिता विजेता
रंगोली साजिया एंड ग्रुप
लोगोमेनिया शिवम खरवाल, वैभव चौरसिया, अखंड प्रताप सिंह
थेमेट भानु भारद्वाज, सूर्या यादव, आदित्य कुमार
रोबो रेस टीम 82 डी (मो. शाहिद अली, मोना सविता, अपर्णा, पीयूष चौरसिया)
नुक्कड़ नाटाक वर्तिका एंड ग्रुप
मॉक सीआईडी उत्कर्ष एंड ग्रुप
लाइव मॉडल कृष्ण कुमार गुप्ता, दुर्गेश कुमार चौहान, प्रखर गुप्ता, पंकज पटेल