कानपुर में एकता गुप्ता की हत्या की जांच के दौरान अब तक पुलिस को जो भी साक्ष्य मिले हैं, वह बेहद कमजोर हैं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पुलिस की पूरी जांच की थ्योरी टिकी है जो कि आरोपी के द्वारा दी गई जानकारियों पर आधारित हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर एकता की हत्या कैसे की गई ? न ही ऐसे कोई सीसीटीवी फुटेज ही हाथ लगे हैं, जिनसे साफ हो सके कि एकता की हत्या ग्रीनपार्क के भीतर, बाहर, गंगा बैराज या फिर डीएम कंपाउंड में की गई।
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Kanpur Ekta Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
यहां तक कि एकता और विमल कहीं भी एक साथ किसी भी फुटेज में नहीं दिखे। पुलिस खुद भी एकता हत्याकांड में उसी कहानी का बखान कर रही है, जो हत्यारोपी जिम ट्रेनर ने बताई है। पुलिस के पास सिर्फ कंकाल है, जिसे आरोपी की निशानदेही पर बरामद किया गया है।
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- फोटो : amar ujala
दोनों के बीच की चैट के तथ्य बता रही पुलिस
साथ ही, हत्यारोपी विमल का कबूलनामा है, जिस पर आरोपी कोर्ट में टिकेगा, इसकी गारंटी नहीं है।उसकी कहानी को स्थापित करने वाले साक्ष्य अबतक पुलिस के पास नहीं हैं। ऐसे में आरोपी को पुलिस कैसे सजा दिलाएगी, यह बड़ा सवाल है। पुलिस दोनों के बीच की चैट के तथ्य तो बता रही, लेकिन हत्या का मोटिव अब तक सामने नहीं आया है।
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कैसे और कितना कानूनी शिकंजा कस पाती है पुलिस
एकता के लापता होने से लेकर हत्यारोपी जिम ट्रेनर विमल कुमार की गिरफ्तारी और डीएम कंपाउंड स्थित ऑफिसर्स क्लब में दफनाए गए शव को बरामद करने तक चार महीने चली पुलिस की विवेचना में अब तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला है। अब देखना यह है कि पुलिस आरोपी के कबूलनामे, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर कैसे और कितना कानूनी शिकंजा कस पाती है।
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कई फोटो-वीडियो भी हुए डिलीट
विमल के मोबाइल में कई ऐसी महिलाओं की तस्वीरें मिली हैं जिनका न तो विमल के रिश्तेदारों को पता है और न ही जिम आने वालों की फुटेज से वह मेल खाती हैं। कुछ वीडियो और तस्वीरें 26 से 30 जून के बीच डिलीट की गई हैं। पुलिस ने उन्हें रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजा है। पुलिस उन महिलाओं के बारे में जानकारी भी जुटा रही है।