मंगलवार को कानपुर पुलिस ने एटीएम हैकर गैंग का खुलासा किया है। चकेरी पुलिस ने किराए पर एटीएम लेकर बैंकों को चूना लगाने रिटायर्ड दरोगा रमाकांत द्विवेदी के बेटे मनीष उर्फ टीटू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 25 से ज्यादा एटीएम कार्ड, चेक, नगदी, तमंचे समेत तमाम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मनीष और मेहुल गैंग सरगना
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पुलिस गिरफ्त में एटीएम हैकर
- फोटो : अमर उजाला
चकेरी इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि सुभाष रोड हरजेंदर नगर निवासी मनीष द्विवेदी, रामपुरम श्याम नगर के मेहुल द्विवेदी, विनोबा नगर गांधी ग्राम के संदीप सिंह भदौरिया और शिवकटरा के दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 28 एटीएम कार्ड, आधा किलो चरस, कई मोबाइल, 20 हजार से ज्यादा कैश, आधार कार्ड, निर्वाचन कार्ड समेत तमाम दस्तावेज मिले हैं। मनीष और मेहुल गैंग सरगना हैं।
किराए पर लेते हैं एटीएम कार्ड
दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मनीष और उसके साथी लोगों से उनके एटीएम कार्ड किराए पर लेते हैं। इसके एवज में पांच हजार रुपये हफ्ता एटीएम कार्ड धारक को भुगतान करते हैं। एटीएम कार्ड लेने के बाद शातिर एटीएम धारक के खाते में पैसा जमा करते हैं। फिर एटीएम में जाकर कार्ड से रुपया निकालते हैं। जब एटीएम मशीन से रुपया निकलता है, तो मशीन के शटर पर उंगली लगा देते हैं।
शातिरों को ऐसे होता है दोगुना फायदा
इस दौरान रुपया मशीन से बाहर निकल आता है, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल बताता है। इसके बाद गैंग के लोग बैंक में शिकायत दर्ज कराते हैं और बैंक रिकार्ड देखकर उतना रुपया उनके खाते में वापस जमा करा देते हैं। इससे शातिरों को दोगुना फायदा होता है और बैंक को नुकसान।