दोस्तों अभीन बृहस्पतिवार का उन्नाव दही चौकी पे गैस पिलांट मा आग लग गे रही.. आसपास के पांच-दस किलोमीटर के गांवन मा अईस दहिसत रही कि का बताई.. सबै लोगे आपन बच्चे बुजुर्गन का लई के भागे.. सही बात आय भईया.. जान सबका प्यारी होत है.. सुने मा आवा रहै कि कौनो टैंकर केर वाल टूट गवा रहै जिससे गैस लीक हुई गयी अउर वहै वाल जब जोर से निकस के टकरावा तो ओकी चिंगारी से आग लग गे.. अईस भयंकर धमाका भवा रहै कि घरन केर खिड़की दरवज्जा तक हिल गे रहैं..
हम कहित है कि वाल काहे ढीला रहा.. अरे टाइम से सब चीजन की जांच करौ.. कौनो चीज ढीली होय तो ओका टाइ करौ.. नहीं तो जेकी जिम्मेदारी आय ओका टाइट करौ.. हम तो आपन साइकिल केर टायर वाला वाल कबहूं ढीला नाही छोड़त ई तो इत्ते बड़े प्लांट केर वाल आय.. दोस्तों ई बात से तो कौनो इनकार नाही कर सकत है कि जेतनी मौतें बाढ़, आगजनी अउर दूसर प्राकृतिक आपदाओं के कारण होत हैं.. उससे कहीं जादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं मा होत हैं.. जेमा सबसे बड़ा कारण होत है असावधानीपूर्वक गाड़ी चलाना अउर नियमन का पालन नाहि करना..
अरे आप कानपूर शहर मा तो कुछ जादाहे दुर्दशा आय.. ई ससुर नए नए लौंडन का अलगै जवानी सवार रहत है.. ई सड़क पे लहिरा लहिरा के बाइक चलावत हैं.. कुछ लौंडे तो आगे का पहिया उठाय के चलावत हैं.. उल्टा सीधा स्टंटबाजी करत भये सड़क पे नए नए करतब करत हैं.. वही मा कभूं गच्चा खा गे तो सीधा भैंसे पे बइठे यमराज केर सवारी दिखत है.. ई बात पे रत्तुपुरवा के चैतु बोले कि हमरा बस चले तो ई जौने सड़क पे बाइक केर अगला पहिया उठाय के चलावत हैं.. हम उनका अगला पहियाहे निकलवा दई..
अउर कहि कि जाव अब खाली पिछले पहिया पे गाड़ी चलाव.. तबहीं निराला नगर वाले पुत्तू तिवारी बोले हम तो कहित है कि जौने सड़क पे गाड़ी लहिरा के चलावे तो ओका चालान ना काटव.. बल्कि ओकी गाड़ी जब्त करि लेव.. तो हम कहा जब्त नाही करवाव बल्कि अईस लोगन से उनकी गाड़ी छिनाय के कौनो गरीबन का बांट दे.. तो पुत्तू बोले अउर बाद मा वहु लोगे लहिराय के चलावे लगे तो? हम कहा फिर उनसे छिनाय के कौनो दूसर गरीब का दई देव.. चले देव ई सिलसिला.. ई बहाने से सब गरीबन का गाड़ी का सुख मिल जाई.. वइसे दोस्तों ट्रैफिक चालान केर जुर्माना लगभग दस गुना होय से बड़ी अफरातफरी केर माहोल आय..
लोगन मा दहशत व्याप्त आय.. अभीन कलै केर बात लेव.. हमरे पास आय भन्नानापुरवा वाले संकठा.. कहिन मौसम चौकस आय.. चलौ गंगा बैराज घूम के आवा जाय.. हम उनकी पिरपिरही मोपेड पे पीछे बईठ के चलि पड़े.. हम लोगन का सीएसए कालिज चौराहे पे ट्रैफिक पुलिस वाले रोकिन.. संकठा से पुलिस वाला उनके मोपेड केर कागज मांगिन.. अब संकठा के पास तो कौनो कागज रहैं नाही.. तो उनका जुरमाना कटा 27 हजार का.. हम दुइनो पहिले तो इधिर उधिर की बात बनाए..