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अचानक भड़क उठे सीएम योगी, बोले- कुछ मत कहो मुझे सब पता है, बेड खाली रहे फिर भी मरते रहे मरीज

Sun, 23 May 2021 05:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 23 May 2021 05:48 AM IST
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CM Yogi suddenly erupted, said do not say anything, I know everything
हैलट की खामियों पर भड़के सीएम योगी - फोटो : amar ujala
कानपुर केडीए (कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी) सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे ज्यादा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के काम से नाराज नजर आए। उन्होंने कॉलेज और हैलट की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए। बोले कि जब मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट में बेड क्षमता 1700 की है तो साढ़े तीन सौ बेड ही क्यों चालू रखे गए। हैलट में बेड खाली पड़े रहे और बाहर रोगी बेड के लिए भटकते-भटकते मर गए। जब हैलट में बेड हैं तो रोगियों को प्राइवेट अस्पतालों में क्यों जाना पड़ा? बैठक में लगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास एक-एक मामले का फीड बैक है। इसके बाद जब उन्होंने सवाल उठाए तो मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल और दूसरे अधिकारी जैसे सकते में आ गए। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और एसजीपीजीआई लखनऊ का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसवीएम ने कोरोना काल में लीडर की तरह काम ही नहीं किया है।
CM Yogi suddenly erupted, said do not say anything, I know everything
कानपुर में अधिकारियों के साथ बैठक करते सीएम योगी - फोटो : amar ujala
किसी तरह की रोग के मामले में खोजबीन नहीं की गई। एक काम चलाऊ टाइप की व्यवस्था रही। हैलट सिर्फ एक अस्पताल की तरह काम करता है। मेडिकल कॉलेज की तरह काम ही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि तरीका यह था कि कोरोना के इलाज में नए तरीके के इनोवेशन किए जाते। इससे रोगियों को राहत मिलती।
 
CM Yogi suddenly erupted, said do not say anything, I know everything
कमांड सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम योगी - फोटो : amar ujala
उन्होंने कोरोना के इलाज के लिए सभी विशेषज्ञ अस्पतालों को जोड़ने वाली ई-सेवा की भी बात की और कहा कि केजीएमयू और एसपीजीआई लखनऊ कोरोना के विशेष किस्म के केस पर एक-दूसरे से बातचीत करके बेहतर रास्ता निकालते रहे हैं। दूसरे कोविड अस्पतालों का मार्गदर्शन किया गया। इस तरह की लीडरशिप की उम्मीद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से थी।

 
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CM Yogi suddenly erupted, said do not say anything, I know everything
कर्मचारी से जानकारी लेते सीएम योगी - फोटो : amar ujala
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने अपना पक्ष रखना चाहा लेकिन मुख्यमंत्री पहले ही बोल पड़े।आप कुछ न कहिए हमें सब पता है। फिर बोले, ऐसी कार्यशैली और प्रबंधन से मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा मिल पाना मुश्किल है। शासन अस्पताल का कितना भी उच्चीकरण कर लें, कितना भी बजट दे दे लेकिन जब उसका सही इस्तेमाल नहीं होगा, किए कराए पर पानी फिरने जैसा होता है।

 
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CM Yogi suddenly erupted, said do not say anything, I know everything
कर्मचारी को निर्देश देते सीएम योगी - फोटो : amar ujala
मेडिकल कॉलेज ने खुद को ऐसा ही साबित किया। तीसरी लहर से पहले मेडिकल कॉलेज अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा कर ले। अव्यवस्थाओं को ठीक कर ले। डॉक्टरों के रवैये में सुधार की बहुत जरूरत है। सरकार को एक एक चीज की खबर है। अगली लापरवाही नुकसानदायक होगी। 
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