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55 घंटे, 550 पुलिसकर्मी एसटीएफ और गुप्तचर एजेंसियां फिर भी हाथ नहीं लगा कोई सुराग, ये बने रोड़ा
Fri, 15 Feb 2019 02:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 15 Feb 2019 02:38 AM IST
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55 घंटे, 550 पुलिसकर्मी और एसटीएफ व गुप्तचर एजेंसियां फिर भी चित्रकूट में तेल उद्यमी के अपहृत जुड़वा पुत्रों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। हर कोई बाज की तरह नजर गढ़ाए हुए बैठा है पर अपहरण कर्ता घास में सुई की तरह गुम हो गए हैं। वहीं खराब मौसम ने पुलिस के साथ एसटीएफ व गुप्तचर एजेंसियों के काम को और कठिन बना दिया है।
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चित्रकूट सदर कोतवाली क्षेत्र के रामघाट निवासी तेल उद्यमी के अपहृत जुड़वा पुत्रों का पुलिस कुछ भी सुराग नहीं लगा सकी है। घटना के 55 घंटे बीत चुके हैं पुलिस अधिकारियों के सभी आश्वासन समाप्त हो गए हैं। क्षेत्र पुलिस छावनी बना है। एसटीएफ गुप्तचर एजेंसी से लेकर यूपी-एमपी के साढ़े पांच सौ पुलिस कर्मियों की चहलकदमी फिलहाल निरर्थक साबित हो रही है। अपहृतों के परिजनों का बुरा हाल है सिर्फ उनके घर में सांत्वना देने का दौर चल रहा है।
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सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट जानकीकुंड के निदेशक डा.बीके जैन गुरुवार को पीड़ित परिजनों से मिलने उनके घर गए और अपहृतों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। संबधित स्कूल में रविवार तक अवकाश घोषित कर दिया गया है और 15 फरवरी से होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।
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अपहरण मामले का खुलासा कराने के लिए एडीजी गाजीराम मीणा, आईजी रींवा उमेश जोगा, आईजी चंचलशेखर, डीआईजी अविनाश शर्मा, एसपी संतोष गौर व अपरएसपी गौतम सोलंकी के अलावा चित्रकूट एसपी मनोज झा ने अपर एसपी बलवंत चौधरी के साथ जिले की सीमा क्षेत्र के जंगलों में अपहरणकर्ताओं की तलाश की लेकिन अभी कामयाबी नहीं मिली है। मप्र पुलिस ने अपहृतों का सुराग देने वालों को 50 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
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गुरुवार को लखनऊ व जबलपुर से पहुंची एसटीएफ व गुप्तचर एजेंसी ने भी मोर्चा संभाला लेकिन सफलता दूर नजर आती है। बारिश व सर्द हवाओं के कारण भी पुलिस को कांबिंग व संदिग्ध स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हुई। आईजी चंचलशेखर ने बताया कि पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। जिस स्कूल सदगुरु पब्लिक जानकीकुंड से अपहृत श्रेयांस व प्रियांश पुत्रगण बृजेश रावत के घर निदेशक डा.बीके जैन गुरुवार को पीड़ितों से मिले और घटना पर दु:ख जताया और कहा कि यह हमारे प्रबंधन की भी भारी चूक है। अपहृतों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपये के इनाम देने की घोषणा की है।