उन्नाव कांड: सीबीआई ने दर्ज की अपहरण, गैंगरेप की एक और एफआईआर
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हाईकोर्ट ने सीबीआई को पहले के मामले की भी जांच करने के निर्देश दिए थे। यह मामला 20 जून को 2017 को पीड़िता की मां ने दर्ज कराया था। इसमें शुभम सिंह और अवधेश तिवारी के खिलाफ बहला-फुसला कर भगा ले जाने का आरोप है। बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर इस मुकदमे में सामूहिक बलात्कार की धारा 376 डी को जोड़ते हुए नरेश तिवारी व दो अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।
उन्नाव प्रकरण की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को पूर्व के मामले की भी जांच करने के आदेश दिए थे। आदेश की कॉपी मिलने के बाद अब इस मामले को भी सीबीआई ने अपने यहां रजिस्टर कर लिया है। वहीं सूत्राें की मानें ताे केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की लगभग छह सदस्यीय टीम मंगलवार को मौका का मुआयना करेगी। सीबीआई के अनुरोध पर स्पेशल कोर्ट ने साेमवार देर शाम इस मामले में उन्नाव जेल में बंद 5 अभियुक्तों को मंगलवार को तलब किया है।
सीबीआई उन्नाव प्रकरण में बलात्कार मामले पर पूरा फोकस कर रही है। मुख्य फोकस विधायक पर लगे आरोपों को लेकर है। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व उसकी मददगार शशि सिंह की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया। इसके बाद सीबीआई उसे लेकर उन्नाव चली गई। विधायक व शशि सिंह से लगातार तीसरे दिन भी पूछताछ जारी रही।
विधायक ने घटना वाले दिन यानी 4 जून को खुद के उन्नाव से बाहर होने का दावा किया है। सीबीआई इसका सीडीआर व दूसरे तकनीकी माध्यमों से मिलान कर रही है। सीबीआई आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को विधायक कुलदीप सेंगर और विधायक की मददगार शशि सिंह को उन्नाव ले जाया जाएगा, जहां सीबीआई 20 जून को दर्ज कराए गए केस और 12 अप्रैल को दर्ज हुए मुकदमे की पड़ताल करेगी। साथ ही घटना स्थल पर भी पीड़िता के साथ अभियुक्त विधायक और शशि सिंह का भी आमना सामना कराया जाएगा।