उन्नाव के बांगरमऊ सीट से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर रेप अाैर हत्या के मामले में अाराेपी करार दिए गए हैं। विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता की मौत का मामले में सीबीअाई छानबीन कर रही है। इलाज में लापरवाही पर जिला अस्पताल के सीएमएस का पहले ही निलंबन हो चुका है।
किशोरी के पिता के इलाज व मेडिकल परीक्षण में बरती गई लापरवाही के मामले में अब जल्द ही जांच शुरू हो सकती है। सीबीआई ने अपनी जांच की दिशा अब डाक्टरों की ओर मोड़ दी है। हाल ही में सीएमओ कार्यालय पहुंचे सीबीआई के अधिकारियों ने शासन की ओर से निलंबित किए गए सीएमएस व ईएमओ के अलावा जांच के दायरे में आए डाक्टरों से पूछताछ करने की ओर इशारा किया था।
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अाराेपी विधायक एवं रेप पीड़िता
इसको लेकर डाक्टरों को जिले में ही मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक प्रकरण में किशोरी के पिता से मारपीट व आर्म्स एक्ट के मामले में पुलिस ने 4 अप्रैल को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था। जिला अस्पताल में ईएमओ डा. प्रशांत उपाध्याय ने मेडिकल परीक्षण किया था। इस दौरान किशोरी के पिता के शरीर में मिलीं चोटों को दरकिनार कर दिया गया था।
7 अप्रैल को किशोरी के पिता की हालत बिगड़ने के बाद जेल से अस्पताल लाने में भी इलाज में लापरवाही बरती गई थी। अल्ट्रासाउंड जांच के बाद जबरन जेल भेज दिया गया था। बंदी के मेडिकल परीक्षण से लेकर उपचार में छह डाक्टरों की लापरवाही सामने आई थी। एसआईटी ने जांच में सीएमएस डा. डीके द्विवेदी, ईएमओ डा. प्रशांत उपाध्याय को निलंबित करने के साथ ही अन्य डाक्टरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
शासन ने सीएमएस डा. डीके द्विवेदी व ईएमओ डा. प्रशांत उपाध्याय को निलंबित करने के साथ ही डा. गौरव अग्रवाल, डा. जेपी सचान व डा. मनोज को लापरवाह मानते हुए इनके खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए थे। सूत्रों की मानें तो सीबीआई जल्द ही इन डाक्टरों से पूछताछ करेगी। वहीं शासन के निर्देश पर भी इन डाक्टरों के खिलाफ जांच की जाएगी। जांच में लापरवाही मिलने पर डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।