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उन्नाव रेप कांडः पीड़िता के परिवार से CBI ने की घंटों पूछताछ, आरोपी विधायक को लगा ये झटका
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 20 Apr 2018 12:43 PM IST
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लखनऊ से आई सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर, उनके भाई और सह आरोपी महिला की रिमांड खत्म होने का वक्त नजदीक आते देख सीबीआई की जांच तेज हो गई है। लगातार सातवें दिन सीबीआई टीम उन्नाव आई।
पीड़िता के घर और विधायक के गांव तक चप्पे-चप्पे की पड़ताल
पीड़ित परिवार को लखनऊ लेकर जाती सीबीआई
- फोटो : अमर उजाला
किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में फंसे भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व सह आरोपी शशि सिंह और किशोरी के पिता के हत्यारोपी उनके भाई अतुल सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। न्यायालय से मिली रिमांड का वक्त बीतने के साथ ही सीबीआई की जांच तेज हो गई है।
पिछले छह दिनों में सीबीआई के आईजी जीके गोस्वामी और एसपी राघवेंद्र वत्स के अलावा भारी भरकम टीम जांच पड़ताल कर रही है। सीबीआई टीम के साथ दिल्ली से आई फॉरेंसिक टीम माखी थाने से लेकर पीड़िता के घर और विधायक के गांव तक चप्पे-चप्पे की पड़ताल कर चुकी है। वीडियो व फोटोग्राफी के साथ ही दुष्कर्म और किशोरी के पिता के साथ मारपीट के पूरे घटनाक्रम का रेखाकंन भी कर चुकी है।
सीबीआई की टीम सातवें दिन गुरुवार सुबह 7 बजे उन्नाव शहर पहुंची। नहर निरीक्षण भवन में कड़ी सुरक्षा के बीच रह रही किशोरी व उसके परिवार से मिली। आधे घंटे बाद 7:30 बजे किशोरी, उसकी मां और चाचा को साथ लेकर सीबीआई टीम लखनऊ गई। लखनऊ में दिनभर रखने और अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ के बाद शाम सात बजे वापस लेकर उन्नाव आई।
पिछले छह दिनों में सीबीआई के आईजी जीके गोस्वामी और एसपी राघवेंद्र वत्स के अलावा भारी भरकम टीम जांच पड़ताल कर रही है। सीबीआई टीम के साथ दिल्ली से आई फॉरेंसिक टीम माखी थाने से लेकर पीड़िता के घर और विधायक के गांव तक चप्पे-चप्पे की पड़ताल कर चुकी है। वीडियो व फोटोग्राफी के साथ ही दुष्कर्म और किशोरी के पिता के साथ मारपीट के पूरे घटनाक्रम का रेखाकंन भी कर चुकी है।
सीबीआई की टीम सातवें दिन गुरुवार सुबह 7 बजे उन्नाव शहर पहुंची। नहर निरीक्षण भवन में कड़ी सुरक्षा के बीच रह रही किशोरी व उसके परिवार से मिली। आधे घंटे बाद 7:30 बजे किशोरी, उसकी मां और चाचा को साथ लेकर सीबीआई टीम लखनऊ गई। लखनऊ में दिनभर रखने और अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ के बाद शाम सात बजे वापस लेकर उन्नाव आई।
दस दिन से लापता किशोरी के चाचा की गुमशुदगी दर्ज
कुलदीप सिंह सेंगर
माखी थाना क्षेत्र निवासी टिंकू सिंह पुत्र जंग बहादुर सिंह ने तीन अप्रैल को किशोरी के पिता (अब मृतक) के खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायिक हिरासत में मुकदमे के आरोपी (किशोरी के पिता) की नौ अप्रैल को जिला अस्पताल में इलाज के दौैरान मौत हो गई थी।
इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और सीबीआई की जांच तक पहुंच गया। माखी थाने में दी गई तहरीर में उसके के भाई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 9 अप्रैल सुबह करीब दस बजे उसका भाई घर से निकला था। इसके बाद से वापस नहीं आया। बताया है कि काफी खोजबीन की गई लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी बंद है।
उसने किसी पर अपहरण या लापता करने की साजिश का आरोप नहीं लगाया है। माखी थाना एसओ राजेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और सीबीआई की जांच तक पहुंच गया। माखी थाने में दी गई तहरीर में उसके के भाई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 9 अप्रैल सुबह करीब दस बजे उसका भाई घर से निकला था। इसके बाद से वापस नहीं आया। बताया है कि काफी खोजबीन की गई लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी बंद है।
उसने किसी पर अपहरण या लापता करने की साजिश का आरोप नहीं लगाया है। माखी थाना एसओ राजेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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शासन ने वापस ली विधायक की सुरक्षा
कुलदीप सिंह सेंगर
किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में फंसे भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शासन ने उनकी वाई श्रेणी की सुरक्षा भी वापस ले ली है।
मालूम हो कि सपा सरकार में कुलदीप सिंह सेंगर को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। इसमें एक एचसीपी व तीन सिपाही उनके आवास और तीन सिपाही अंगरक्षक के रूप में तैनात किए गए थे। सपा से भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी सुरक्षा वापस होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं लेकिन भाजपा की सरकार बनने से शासन ने सुरक्षा में कोई कटौती नहीं की।
8 अप्रैल को एक किशोरी ने विधायक पर दुष्कर्म और विधायक के दबाव में पुलिस की ओर से रिपोर्ट न दर्ज करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास पर परिवार सहित आत्मदाह का प्रयास किया था। इसके बाद प्रकरण चर्चा में आया था।
शासन ने सीबीआई जांच के आदेश दिए और विधायक पर पाक्सो ऐक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद शासन ने विधायक की वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। उन्नाव पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक गोरखनाथ सिंह ने बताया कि शासन से आदेश के बाद विधायक की वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले गई है।
मालूम हो कि सपा सरकार में कुलदीप सिंह सेंगर को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। इसमें एक एचसीपी व तीन सिपाही उनके आवास और तीन सिपाही अंगरक्षक के रूप में तैनात किए गए थे। सपा से भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी सुरक्षा वापस होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं लेकिन भाजपा की सरकार बनने से शासन ने सुरक्षा में कोई कटौती नहीं की।
8 अप्रैल को एक किशोरी ने विधायक पर दुष्कर्म और विधायक के दबाव में पुलिस की ओर से रिपोर्ट न दर्ज करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास पर परिवार सहित आत्मदाह का प्रयास किया था। इसके बाद प्रकरण चर्चा में आया था।
शासन ने सीबीआई जांच के आदेश दिए और विधायक पर पाक्सो ऐक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद शासन ने विधायक की वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। उन्नाव पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक गोरखनाथ सिंह ने बताया कि शासन से आदेश के बाद विधायक की वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले गई है।