कानपुर में घर पर मामूली विवाद हुआ था। इसलिए किसी को अंदाजा भी नहीं था कि चंद घंटे बाद राजेंद्र की मौत हो जाएगी। परिजन बोले पुलिस की पिटाई से तबीयत बिगड़ी। शुरुआत में कोई सूचना नहीं दी। भोर में पुलिस वालों ने फोन कर कहा कि खून का इंतजाम करो, राजेंद्र की हालत खराब है। इसके बाद वह सीधे अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर राजेंद्र को मृत घोषित कर चुके थे।
Death in police custody: आखिर भाई क्यों हो गया हत्यारा, पीटने से बिगड़ी थी तबीयत, पढ़ें पूरा मामला
आखिर भाई क्यों हो गया हत्यारा
मामले में दर्ज की गई एफआईआर सबसे अधिक सवालों के घेरे में है। बबलू से विवाद के बाद पुलिस राजेंद्र को हिरासत में लेकर चली गई थी। उसके कई घंटे बाद राजेंद्र की मौत हुई। पुलिस ने बबलू पर हत्या का केस दर्ज कर दिया। यह हर किसी के समझ से परे है। जब बबलू की वहां मौजूदगी नहीं थी, तो आखिर उसने कैसे मार दिया।
पुलिस हिरासत में हुई एससी अधेड़ की मौत
बता दें कि बिधनू में रविवार रात पुलिस हिरासत में एक अनुसूचित जाति के अधेड़ की मौत हो गई। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई, लेकिन पुलिस ने तहरीर में खेल कर मृतक के भाई के खिलाफ ही हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। भाइयों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस अधेड़ को पकड़कर ले गई थी। सोमवार को हुए पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
परिजनों का आरोप: घर में पीटा, थाने ले जाकर भी मारा
परिजनों का आरोप है पुलिस ने राजेंद्र को घर पर पीटा था। उसके बाद थाने ले जाकर भी पीटा। इसी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ी। पुलिस कर्मियों ने कोई दवा खिलाई तो राजेंद्र की हालत और खराब हो गई। कुछ देर बाद मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है।
पुलिस का दावा: नहीं की गई पिटाई
एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह का कहना है कि पिटाई का आरोप निराधार है। झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस राजेंद्र को लेकर आई थी। तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी थी। इस पर उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया।