ग्वालियर में वायुसेना के जहाज मिग-21 के हादसे में जालौन का लाल कैप्टन आशीष गुप्ता (38) शहीद हो गया। खबर सुनकर उरई के गोपालगंज मोहल्ला निवासी उनके दोनों चाचा बुधवार की दोपहर ग्वालियर के लिए रवाना हो गए।
2 of 5
परिवार के साथ कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से सरसई गांव निवासी सेवानिवृत बैंक कर्मचारी प्रकाश चंद्र गुप्ता के छोटे बेटे आशीष ने करीब 15 साल पहले एयरफोर्स ज्वाइन की थी। वह वर्तमान में ग्वालियर एयरबेस में कैप्टन के पद पर कार्यरत थे। पिता बैंक से सेवानिवृत होने के बाद लंबे समय से फैजाबाद में ही निजी मकान में रहते हैं।
3 of 5
पत्नी के साथ कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
आशीष भी अपनी पत्नी छाया और दोनों बेटों टिनटिन (5) और अतिन (3) के साथ ग्वालियर में रह रहे थे। बुधवार की सुबह करीब 11 बजे आशीष के बड़े भाई मनीष ने उरई के गोपालगंज स्थित घर पर चाचा सुरेश गुप्ता और संजय गुप्ता को मिग-21 के हादसे की खबर देते हुए सूचना दी कि हादसे में आशीष शहीद हो गए हैं।
4 of 5
पत्नी व बच्चों के साथ कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पाकर आनन-फानन दोनों चाचा सुरेश और संजय अपनी पत्नियों राधा और सुनीता के साथ ग्वालियर रवाना हो गए। चचेरी बहन सोनम पुत्री संजय, रुपाली और मौली फोन पर पापा-मम्मी से बात करने में व्यस्त रहीं।
5 of 5
मोहल्ले के साथी चर्चा करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
त्योहारों पर आते थे आशीष
रिश्ते से चाचा लगने वाले मोहल्ले के सुरेश गुप्ता ने बताया कि आशीष की पूरी शिक्षा फैजाबाद में ही हुई है। आशीष और उनके पिता का उरई शादी बरात या कभी तीज त्योहार पर ही आना जाना रहता था। सभी को आशीष की शहादत पर गर्व है।