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सीएए: पीएफआई ने कानपुर में हिंसा फैलाने के लिए तैयार किया नेटवर्क, खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं
Sun, 02 Feb 2020 12:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 02 Feb 2020 12:38 AM IST
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कानपुर में कल पकड़े गए थे पांच पीएफआई के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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पीएफआई ने कानपुर में नेटवर्क तैयार की और हिंसा की जमीन तैयार कर बवाल कराया। जिसमें तीन की जानें गईं और दर्जनों लोग घायल हो गए। हैरानी की बात ये है कि इसकी भनक खुफिया एजेंसियों को नहीं हुई। खुफिया विभाग अब इस बारे में जानकारी जुटानी शुरू की है।
कानपुर में हिंसा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
शुरुआती जांच में साफ हो गया है कि पीएफआई नेटवर्क की बड़ी चेन शहर में है। जल्द उनकी धरपकड़ शुरू होगी। हिंसा के पीछे पीएफआई का हाथ आने के बाद कानपुर पुलिस के पास ऐसे कोई इनपुट नहीं थे, कि जिससे पुष्टि हो सके कि बाबूपुरवा व यतीमखाना हिंसा में पीएफआई शामिल है या नहीं।
कानपुर में हिंसा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों का कहना था कि ऐसे कोई सुबूत नहीं हैं। पर, जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की तो पीएफआई के पांच सदस्य गिरफ्त में आये। साफ है कि पहले से पुलिस या खुफिया विभाग के पास पीएफआई से संबंधित कोई इनपुट नहीं था।
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कानपुर में हिंसा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सिमी का विंग है पीएफआई
पीएफआई को सिमी(स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) का विंग माना जाता है। सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद पीएफआई का 2006 में गठन हुआ था। सिमी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। कानपुर में सिमी की गहरी पैठ थी। यही वजह है कि पीएफआई ने भी शहर को अपना ठिकाना बनाया है।
पीएफआई को सिमी(स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) का विंग माना जाता है। सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद पीएफआई का 2006 में गठन हुआ था। सिमी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। कानपुर में सिमी की गहरी पैठ थी। यही वजह है कि पीएफआई ने भी शहर को अपना ठिकाना बनाया है।
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कानपुर में हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों की तस्वीरें पुलिस ने जारी की थीं
- फोटो : अमर उजाला
खाते खंगाल रही एसआईटी, लाखों की रकम आई
एसआईटी ने आरोपियों के खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों के खातों से लाखों रुपये का लेनदेन हाल में ही हुआ है। बैंक से जानकारी मांग पुलिस पता कर रही है कि रकम कहां कहां से आई और किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई। आशंका है कि एक-एक आरोपी के कई बैंक खाते हैं।
एसआईटी ने आरोपियों के खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों के खातों से लाखों रुपये का लेनदेन हाल में ही हुआ है। बैंक से जानकारी मांग पुलिस पता कर रही है कि रकम कहां कहां से आई और किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई। आशंका है कि एक-एक आरोपी के कई बैंक खाते हैं।