कानुपर में हुई हिंसा में बांग्लादेशियों के भी शामिल होने की आशंका है। खुफिया एजेंसियां इस संबंध में इनपुट जुटा रही हैं। कुछ लोगों को चिह्नित भी किया गया है। पूरे साक्ष्य जुटाने के बाद ही पुलिस कार्रवाई करेगी। सरकार से लेकर पुलिस अधिकारी भी शुरू से ही हिंसा के पीछे बाहरी लोगों के शामिल होने की आशंका जता रहे हैं।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई) भी इस पर पैनी नजर रखे हुए है। पुलिस व खुफिया विभाग के इनपुट के मुताबिक बाहरी लोगों ने भीड़ को भड़काया है। जब हिंसा शुरू हुई तो वे भाग निकले। लखनऊ में हुई हिंसा में छह बांग्लादेशी पकड़े भी गए थे।
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कानपुर में हिंसा
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ऐसे में शहर के भी हालात बिगाड़ने में बांग्लादेशियों की भूमिका मानी जा रही है। एमआई के सूत्रों के मुताबिक शहर में सैकड़ों बांग्लादेशी रह रहे हैं। इसमें कुछ की ही लिखापढ़ी है। पुलिस के मुताबिक इन सभी का सत्यापन कराया जा रहा है।
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कानपुर में हिंसा
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ये भी हो सकता है
हिंसा के पीछे पीएफआई के अलावा एआईएमआईएम व सिमी का भी हाथ बताया जा रहा है। डीजीपी ने कहा था कि कुछ बाहरी लोग भी इसमें शामिल हैं। पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई है कि किसी दूसरे शहर के लोगों ने यहां आकर हिंसा को भड़काया है।
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कॉन्फ्रेंसिंग कॉल से मीटिंग की चर्चा
शुक्रवार को हिंसा के बाद शहर में इंटरनेट बंद कर दिया गया था। यहां तक टेक्स्ट मैसेज पर भी प्रतिबंध लग गया था। सर्विलांस टीम को आशंका है कि हिंसा भड़काने वालों ने आपस में कॉन्फ्रेंसिंग कॉल कर साजिश रची। अभी तक कोई कॉल ट्रेस नहीं हुई है पर, टीमें लगी हुई हैं।