चित्रकूट के बरगढ़ के कपड़ा व्यापारी का 13 वर्षीय बेटा आयुष बाइक चलाने का शौकीन था। किसी की भी बाइक देखते ही उसे चलाने की जिद करने लगता था। अपने लिए बाइक की वह पिता अशोक और चाचा आशीष से अक्सर मांग करता रहता था।
यह शौक ही उसे उस दिन मौत के मुंह में ले गया। आयुष की इस कमजोर नस को पूर्व किरायेदार अच्छे से जानता था। इसीलिए उसने आयुष को अपहरण में अपना हथियार बनाया। खुद सामने न जाकर उसने कल्लू को बाइक देकर भेजा, जो बाद में मुठभेड़ में मारा गया।
2 of 14
आयुष की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्रिकेट और बैडमिंटन खेलने के लिए घर से निकलता था आयुष
आयुष की दिनचर्या में खेलकूद के साथ बाइक चलाना भी शामिल था। वह हर रात आठ से नौ बजे तक क्रिकेट और बैडमिंटन खेलने के लिए घर से निकलता था। परिजनों के बुलाने पर ही वह घर लौटता था। उसकी यह आदतें उसके दोस्तों और पड़ोसियों के बीच चर्चा का विषय थीं।
3 of 14
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह अपनी उम्र के हिसाब से काफी उत्साही और मिलनसार था लेकिन बाइक के प्रति उसका लगाव कुछ ज्यादा ही था। यही कारण रहा कि बृहस्पितवार को जब कल्लू ने उसे बाइक चलाने का इशारा दिया तो वह बिना कुछ सोचे समझे निकल पड़ा।
4 of 14
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों को पता था कि व्यापारी जुटा लेगा रकम
मुख्य आरोपी इरफान अंसारी को पता था कि व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी का अपहरण कर लेंगे तो उससे मोटी रकम मिलेगी। जिससे उसका सारा कर्ज आसानी से चुकता हो जाएगा। व्यापारी का अच्छा कारोबार है और उससे अच्छी आमदनी भी हो रही है।
5 of 14
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस कारण इरफान व उसकी दुकान में काम करने वाले कल्लू उर्फ साहबे आलम ने आयुष का अपहरण कर 40 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी। दोनों जानते थे कि बेटे के लिए व्यापारी इतनी रकम आसानी से जुटा लेगा।