उन्नाव जिले में राजमिस्त्री राजेश प्रजापति की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को मिला मृतक का मोबाइल घटना के खुलासे में अहम कड़ी साबित हो रहा है। जिस महिला को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है उससे, मृतक की रोजना घंटों बात होती थी। बुधवार को भी चार बार में करीब पौन घंटे बात हुई थी।
'साजिश या सजा': राजमिस्त्री की नृशंस हत्या, डंडों से पीटा...चेहरे-गर्दन पर किए वार, फिर बायीं आंख भी निकाली
तीन युवकों से होती थी महिला की बातचीत
इसी वजह से राजेश का उसके घर भी आना-जाना बना रहता था। महिला से नजदीकी का आरोप है कि उसके तीन युवकों से भी बातचीत होती थी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर ही है कि हत्या में महिला व उसका पति भी शामिल है या फिर उन लोगों ने हत्या कि, जिनसे इस महिला की बातचीत होती है।
मृतक की साइकिल गुम, शव के पास मिला मोबाइल-अंगौछा
जांच करने पहुंची पुलिस को घटना स्थल पर मृतक राजेश प्रजापति की साइकिल नहीं मिली है। शव से करीब 15 मीटर की दूर पर मृतक का गमझा, खून से सना एक डंडा और करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर भिटवा चौराहे के पास मृतक का मोबाइल पड़ा मिला है।
परिवार का था सहारा, बच्चे काम में बटाने लगे थे हाथ
मृतक राजेश ने खेती के साथ राजमिस्त्री का काम कर परिवार को आगे बढ़ाने का प्रयास किया था। बच्चों में अविनाश, विशाल, अभिषेक और अमन ने जितना पढ़ा उन्हें पढ़ाया। बच्चों के बड़े होने के बाद परिवार की माली स्थिति सही न होने से वह भी पिता का हाथ बटाने लगे थे।
हत्यारों ने डंडों से पीटा, धारदार हथियार से किए वार
राजमिस्त्री घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था। गुरुवार सुबह उसका गांव से छह किमी दूर जंगल में मिला। खून से सना एक डंडा भी घटनास्थल पर मिला है। मृतक के चेहरे पर और गर्दन पर धारदार हथियार से हमले के निशान हैं। हत्यारे ने बायीं आंख भी निकाल दी।