डीजे की तेज धुनाें के बीच हाथाें में जयमाल लिए हुए दुल्हन स्टेज पर चढ़ी अाैर दूल्हे काे देखते ही बिदक गई। वाे वरमाला फेंककर वहां से भाग अाई। पूरा गांव उसे शादी करने के लिए मनाता रहा पर उसने किसी की एक ना सुनी। अाखिर में बारात काे खाली हाथ ही लाैटना पड़ा।
कोतवाली अरौल बारंडा गांव निवासी कन्हैया लाल बाथम ने अपनी पुत्री गीता की शादी औरैया के बेला कस्बा निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र नरेश से तय की थी। गुरुवार को जितेंद्र गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर बारंडा पहुंचा। स्वागत, द्वारचार और नाश्ता आदि के बाद स्टेज पर जयमाल के दौरान जितेंद्र पहुंचा।
ग्रामीणों के मुताबिक दूल्हे के जयमाल में अच्छे कपड़े न पहनकर आने को लेकर दुल्हन का चेहरा लाल हो गया। दुल्हन अपनी सहेलियों को धकेलते हुए घर की ओर भाग गई। मामला बिगड़ता चला गया।
बाद में वर पक्ष द्वारा आभूषण, कपड़े आदि चढ़ावे का तय सामान नहीं लाने का आरोप भी लगाया गया। वर और वधू पक्ष के लोगों ने दुल्हन को लाख मनाने का प्रयास किया, लेकिन दुल्हन ने किसी की न सुनी। पूरी रात चली पंचायत के बाद भी दुल्हन ने एक न सुनी, बारात बैरंग लौट गई।